छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को रायपुर में आयोजित केंद्रीय खान मंत्रालय के रोड शो को संबोधित करते हुए राज्य के समृद्ध खनिज संसाधनों को लेकर बड़ा विजन प्रस्तुत किया। महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी के आठवें चरण के दौरान उन्होंने कहा कि ये खनिज आने वाले समय में देश की आर्थिक प्रगति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और सामरिक सुरक्षा के प्रमुख स्तंभ साबित होंगे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्वेषण से लेकर प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन (Value Addition) और रीसाइक्लिंग तक की पूरी सप्लाई चेन छत्तीसगढ़ में विकसित करना है।
आधुनिक उद्योगों और रक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण
सीएम साय ने कहा कि एआई (AI), इलेक्ट्रिक वाहन (EV), स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए इन खनिजों की निर्बाध उपलब्धता बेहद जरूरी है।
- रक्षा और तकनीक में भूमिका: 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीक और मजबूत रक्षा उद्योग के निर्माण में रणनीतिक खनिजों का बड़ा योगदान है।
- नया औद्योगिक ढांचा: नवा रायपुर में विकसित हो रहे AI आधारित डेटा सेंटर पार्क और राजनांदगांव के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर को स्थानीय खनिज उपलब्धता से सीधा प्रतिस्पर्धी लाभ (Competitive Advantage) मिलेगा।
मुख्य उपलब्धियां और डिजिटल पहल
| प्रमुख बिंदु | विवरण / आंकड़े |
| डिजिटल पोर्टल लॉन्च | 'ई-रेत संगवारी' और 'टिन पोर्टल' का उद्घाटन किया गया। |
| महत्वपूर्ण MoU | CMDC ने इंडियन ओवरसीज बैंक और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ समझौते किए। |
| खनिज राजस्व में उछाल | राज्य गठन के समय ₹400 करोड़ से बढ़कर अब ₹16,000 करोड़ से अधिक हुआ। |
आत्मनिर्भर भारत और रोजगार सृजन:
"नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के माध्यम से खनिजों की पूरी वैल्यू चेन राज्य में ही तैयार की जाएगी, जिससे नए उद्योग लगेंगे और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।"
— विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।





