प्रतिनिधि,चतरा/लावालौंग। भूत प्रेत एवं ओझा गुनी के अंधविश्वास में थाना क्षेत्र के टेवना गांव की एक वृद्ध महिला की निर्मम हत्या कर दी गई।जानकारी के अनुसार टेवना गांव की तेतरी नाम की वृद्ध महिला गांव में ही झाड़-फूंक का काम करती थी।वह रविवार की शाम अपनी पांच वर्षीय पोती के साथ सामान खरीदने के लिए लावालौंग आई थी।सामान खरीदने के बाद देर शाम वे दोनों अपने घर वापस जा रहे थे।इसी बीच लावालौंग से थोड़ी ही दूर निकलने पर जंगल के रास्ते में गांव का ही एकबाल गंझू का पुत्र उपेंद्र गंझू महिला के ऊपर हमला कर दिया।जब नन्हीं बच्ची रोते चिल्लाते हुए उसका विरोध की तो उसे लात मारकर गिरा दिया।उपेंद्र ने महिला के पेट में चाकू मार दिया,जिससे वह गिर गई।इसके बाद पत्थर से उसके चेहरे व सर को कूचकर घसीटते हुए जंगल के गड्ढे में डाल दिया।





युवक नें ही किया हत्या का खुलासा





घटना को अंजाम देने के बाद उपेंद्र गंजू घर पहुंच कर अपनी मां से बता रहा था कि मैं उस गुणी औरत को मार दिया।इस दौरान पानी भरने पहुंची मृतक की बहू के कानों तक यह आवाज पहुंच गई और उसने अपने परिजनों को बताया।फिर तत्परता बरतते हुए बच्ची की निशानदेही पर घटनास्थल पर पहुंचकर खोजबीन शुरू किया और पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर देखा तो महिला की सांस चल रही है।उसे पुलिस के द्वारा गड्ढे से निकालकर इलाज के लिए भेजा गया। इस दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्यारे उपेंद्र गंजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।





घर को तबाह करने की बात कह कर ली जान





उपेंद्र एवं उसके परिजनों से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मेरे परिवार की एक चौदह वर्षीय बच्ची को तेतरी भूत लगा दी थी,जिसके कारण विगत बुधवार को उसकी मौत हो गई थी।उसके अलावा भी वह मेरी बहू को भूत लगा दी है,जिसके कारण उसका बच्चा नहीं हो रहा है।साथ ही वर्षो से वह हमारे परिवार को भूत लगा लगाकर तबाह करके रखी थी।इसलिए मैंने उसकी हत्या कर दी।अब बड़ी बात यह है कि सरकार व प्रशासन के द्वारा जागरूकता चलाने के बावजूद आज भी लोग अंधविश्वास और ओझा गुनी के जाल में इस कदर जकड़े हैं। आए दिन कभी लोगों को जिंदा जला दिया जाता है तो कभी पानी में डाल दिया जाता है।अगर सरकार और प्रशासन के द्वारा इस अंधविश्वास पर रोक नहीं लगाया गया तो यहां स्थिति काफी भयावह होने वाली है।





पुलिस नें मामले को बदला





इधर थाना प्रभारी बमबम कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने मामले से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला ओझा गुनी का नहीं बल्कि पुराने विवाद को लेकर हुआ है।अब बड़ी बात यह है कि आखिर पुलिस वास्तविक मामले से हाथ क्यों खींच रही है।जबकि सारा का सारा मामला खुले दर्पण के जैसा साफ और स्पष्ट है।