रांची।झारखंड का सबसे बड़े अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में बुधवार को भारत के सबसे उच्चतम तकनीक के कैथलैब की शुरुआत की गई। कार्डियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ हेमंत नारायण सहित अन्य ने पूजा कर इसकी शुरुआत की। इसकी कीमत 13 करोड़ है।

डॉ हेमंत नारायण ने बताया कि रिम्स में पूर्वी भारत का यह पहला बाइप्लेन कैथलैब लगाया गया है।रिम्स में लगाई गई इस कैथलैब में जितने फीचर हैं वह देश कहीं और नहीं है।बीस दिन पहले रिम्स में सिमंस कंपनी की सिंगल प्लेन कैथलैब की शुरूआत की गई है। रिम्स में पिछले बीस दिनों में दो नए कैथलैब की शुरुआत की गई है।

डॉ हेमंत नारायण ने बताया कि रिम्स में कैथलैब की संख्या बढ़ने से मरीजों को अब ससमय और जरूरी इलाज मिल सकेगा। इससे पहले ऑपरेशन के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब पिछले दिनों की तुलना में तीन से चार गुना अधिक मरीजों का ऑपरेशन हो सकेगा।

डॉ हेमंत नारायण ने बताया कि इस मशीन से गंभीर न्यूरोलॉजिकल ब्रेन संबंधी मामलों का भी इलाज कम रेडिएशन में हो सकेगा। इस मशीन के सहयोग से कम वक्त में बेहतर रिजल्ट दे पाएगी।

आपको बता दें कि पिछले छह महीनों में रिम्स में अत्याधुनिक तकनीक से लैस कई तरह की मशीनें इंस्टॉल की गई है। जिसका लाभ राज्य के गरीब मरीजों को भी मिल रहा है।इन अत्याधुनिक मशीनों का पूरा लाभ मरीजों को देने के लिए मैनपावर की पूरी बहाली करने की आवश्यकता है। मैनपावर की कमी के कारण जितनी सुविधाएं मरीजों को दी जा सकती है नहीं दी जा सक रही है।