रांची।झारखंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह में नक्सली खलल डालने की कोशिश कर सकते हैं।माओवादियों द्वारा वीवीआईपी गाड़ी और पुलिस अफसरों सरीखी वर्दी का प्रयोग कर सांसदों,जनप्रतिनिधियों को निशाना बना सकते है।इस संबंध में विशेष शाखा के एडीजी मुरारीलाल मीणा ने सभी जिलों के एसपी को अलर्ट भेजा है।
नक्सलियों के हमले की संभावना के मद्देनजर एडीजी ने सभी एसपी को अपेक्षित निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।सभी जिलों को भेजे गए अलर्ट के मुताबिक 15 अगस्त को राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित होने वाले राजकीय समारोह सहित अन्य कार्यक्रमों में सांसद व अन्य विशिष्ट-अति विशिष्ट व्यक्ति शामिल होते हैं।इसी दौरान नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं।नक्सली गुमराह करने के लिए वीवीआईपी गाड़ियों समेत पुलिस पदाधिकारियों की डुप्लीकेट वर्दी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
विशेष शाखा के अनुसार भाकपा माओवादी संगठन हर बार की तरह इस बार भी स्वतंत्रता दिवस को काला दिवस के रूप में मनाने की फिराक में हैं।माओवादी शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित विद्यालयों, पंचायत भवन, स्वास्थ्य उपकेन्द्र एवं सरकारी-गैर सरकारी प्रतिष्ठानों पर काला झंडा भी फहरा सकते हैं और सरकारी कार्यालयों पर धमाका भी कर सकते हैं।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नक्सली मशाल जुलूस भी निकाल सकते हैं।इतना ही नहीं नक्सली पोस्टर चिपकाने, राष्ट्रीय ध्वज को अपमानित करने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने वालों को रोकने जैसी घटनाओं को भी अंजाम दे सकते हैं।झंडोत्तोलन के लिये आने-जाने वाले सुरक्षाबलों को निशाना बना कर आईईडी प्लांट करने की भी संभावना है।सामान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को पुलिस समर्थक के रूप में चिन्हित कर हमले और हत्या कर सकते हैं।





