हिसार: हरियाणा के हिसार डिपो और हांसी सब डिपो के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और बकाए भुगतान न मिलने के विरोध में कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार दोपहर से बस सेवाओं को ठप कर दिया है। रोडवेज कर्मचारियों के साझा मोर्चे के आह्वान पर किए गए इस चक्का जाम के कारण आम नागरिकों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख मांगें और विवाद की मुख्य वजह
कर्मचारियों का मुख्य रोष लगभग 5 करोड़ रुपये की कुल बकाया राशि का भुगतान न होने को लेकर है। कर्मचारियों के अनुसार:
- रात्रि भत्ता (Night Allowance), एलटीसी (LTC) और मेडिकल भत्ते की राशि लंबे समय से उनके खातों में नहीं आई है।
- हिसार डिपो के महाप्रबंधक और उच्चाधिकारियों को कई बार सूचित करने के बावजूद समाधान न होने पर कर्मचारियों ने यह कदम उठाया।
हड़ताल का असर: 83 रूट प्रभावित, 19 हजार यात्री हलकान
कर्मचारियों द्वारा अचानक बस सेवाएं बंद किए जाने से परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई:
- प्रभावित रूट: चंडीगढ़, दिल्ली, खाटूश्याम, जोधपुर, हरिद्वार के अलावा तोशाम, उकलाना, आदमपुर और घिराय जैसे महत्वपूर्ण लोकल रूट सहित कुल 83 रूटों पर बसें नहीं चलीं।
- यात्रियों की परेशानी: लंबे और लोकल रूटों की बसें बंद होने से लगभग 19 हजार यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
- वित्तीय नुकसान: बसें न चलने के कारण शुरुआती घंटों में ही हिसार डिपो और हांसी सब डिपो को 12 लाख रुपये से अधिक का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। उल्लेखनीय है कि हिसार डिपो की एक दिन की कुल आय लगभग 22 लाख रुपये है।
प्रशासन की विफलता: एसडीएम की बातचीत बेनतीजा
- देरी से जानकारी: शुक्रवार दोपहर 2 बजे बस सेवा बंद होने के करीब 3 घंटे बाद शाम 5 बजे प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी भनक लगी।
- विफल प्रयास: इसके बाद हिसार एसडीएम ज्योति मित्तल अन्य अधिकारियों के साथ डिपो पहुंचीं। उन्होंने महाप्रबंधक और रोडवेज साझा मोर्चा के सदस्यों के साथ करीब 3 घंटे तक लंबी बैठक की और चक्का जाम टालने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों की जिद और नाराजगी के आगे प्रशासनिक प्रयास पूरी तरह विफल रहे।
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साझा मोर्चा का ऐलान: शनिवार को संपूर्ण चक्का जाम
रोडवेज साझा मोर्चा के सदस्यों (संदीप जैनावास, राजकुमार चौहान आदि) ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक कर्मचारियों के खातों में बकाया राशि नहीं पहुंचती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
- शुक्रवार की रात्रि बस सेवाएं पूरी तरह बंद रहने के बाद, शनिवार को हिसार डिपो और हांसी सब डिपो में पूर्ण रूप से चक्का जाम रखा गया।
- सुबह पौने चार बजे दिल्ली-चंडीगढ़ रूट की पहली बस को भी डिपो से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
डिपो और बसों की स्थिति एक नजर में
| विवरण | आंकड़े |
| कुल रूट (हिसार व हांसी) | 166 रूट |
| कुल संचालित बसें | 200 से अधिक (160 हिसार डिपो, शेष हांसी सब डिपो) |
| प्रभावी हड़ताल के दायरे में | 83 रूट और शुरुआती दौर में करीब 40% से अधिक बसें प्रभावित |
| मुख्य मांगें | रात्रि भत्ता, एलटीसी और मेडिकल भत्ते का बकाया भुगतान (~5 करोड़ रुपये) |
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