नई दिल्ली: भारतीय इंजीनियरिंग सेक्टर ने अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी-भरकम 50 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ की चुनौती को मात देते हुए वापसी की एक शानदार मिसाल कायम की है। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त के दौरान अमेरिका को होने वाला भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात 15.5 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी के साथ 9.97 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। अकेले अगस्त महीने में इसमें 31 प्रतिशत की जोरदार उछाल देखने को मिली।

देश के कुल निर्यात में करीब 27 से 28 फीसदी और तैयार माल (मैन्युफैक्चर्ड गुड्स) में लगभग 40 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले इस सेक्टर ने चीन से लेकर यूरोप और ब्रिटेन तक नए बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत की है।

अमेरिकी सप्लाई चेन में भारतीय कंपनियों का दबदबा

स्टील, एल्युमीनियम, मशीनरी, ऑटो पार्ट्स और एरोस्पेस उपकरणों पर 50 फीसदी शुल्क लागू होने के बावजूद अमेरिकी खरीदारों का भरोसा भारतीय सप्लायर्स पर बना रहा। विशेषज्ञों और उद्योगपतियों के अनुसार इसके पीछे मुख्य कारण हैं:

  • सप्लाई चेन की मजबूती: एक बार जब कोई भारतीय कंपनी अमेरिकी सप्लाई चेन में जगह बना लेती है, तो लॉजिस्टिक्स और गुणवत्ता के कारणों से उसे तुरंत बदलना खरीदारों के लिए आसान नहीं होता।
  • मुनाफे और टैरिफ का साझा बोझ: भारतीय निर्यातकों और अमेरिकी आयातकों ने आपसी समझदारी दिखाते हुए टैरिफ का बोझ आपस में बांटा। कई मामलों में बाजार में अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए डिस्काउंट देकर और घाटा सहकर भी सप्लाई जारी रखी गई।
  • रिफंड की उम्मीद: अमेरिका में टैरिफ रिफंड की प्रक्रिया शुरू होने से निर्यातकों को उम्मीद है कि उन्हें उनका हिस्सा जल्द ही मिलेगा।

वैश्विक बाजारों में विस्तार और दोहरे अंकों की वृद्धि

भारतीय इंजीनियरिंग सेक्टर का कुल वैश्विक निर्यात 4.9 प्रतिशत बढ़कर 122.43 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। निर्यातकों ने सिर्फ अमेरिका पर निर्भर न रहकर दुनिया भर के अन्य प्रमुख बाजारों में अपना विस्तार किया है:

इसे भी पढ़ेंः पान खाने के बदले चुकानी पड़ी 10 लाख, कटोरा तालाब के पास से 10 लाख रुपये पार

प्रमुख देशनिर्यात में दर्ज की गई वृद्धि
चीन32.4%
ब्रिटेन (UK)18.2%
इटली16.0%
जर्मनी14.6%

इसके अलावा दक्षिण कोरिया, जापान, ब्राजील और नीदरलैंड जैसे देशों में भी दोहरे अंकों (Double-digit) में ग्रोथ दर्ज की गई है। वहीं, यूरोपीय संघ (EU) से स्टील उत्पादों के लिए मिले 19 लाख टन के विशेष जीरो-ड्यूटी कोटे का भी भारतीय निर्यातकों को सीधा लाभ मिल रहा है।

#EngineeringExport #IndianEconomy #USBusiness #TradeNews #MakeInIndia #GlobalTrade #BreakingNews