विशेष संवाददाता
रांची। अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद कमाल खान ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रति हज यात्री पर 50 हजार कम किया है। साथ ही 45 साल से ऊपर की महिलाएं जो मां बहने हैं, हज पर जाना चाहते हैं। उनको प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही 3 हजार शुल्क जो फार्म के लिए लगता था, वह शुल्क अब नहीं लगेगा। केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है। हम केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने मुस्लिम अल्पसंख्यक समाज हित में यह निर्णय लिया है। इस निर्णय से मुस्लिम समाज को फायदा पहुंचेगा। और जो हज पर जाने की तमन्ना रखते हैं उनकी तमन्ना पूरी होगी।
कमाल खान ने कहा कि हज पर जाने वाले हज यात्रियों के लिए रांची से ही इंबारकेशन पॉइंट दिया गया है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य में महागठबंधन का 3 वर्ष हो गया अभी तक अल्पसंख्यक हित और मुस्लिम समाज हित में कोई कार्य नहीं किया। अभी तक अल्पसंख्यक आयोग, वक्फ बोर्ड का गठन नहीं किया गया। यूपीए और महागठबंधन की सरकार मुस्लिम का वोट लेते तो है, लेकिन मुस्लिम का कोई काम नहीं करते। यह सिर्फ ढोंग रचते हैं कि हम अल्पसंख्यक हितैषी हैं अगर यह अल्पसंख्यक के लिए सोचते तो अब तक अल्पसंख्यक आयोग, वक्फ बोर्ड, मदरसा बोर्ड आदि का गठन हो चुका होता।पूर्व की रघुवर दास सरकार ने सबसे बेहतर हज हाउस दिया है। झारखंड में कोई भी घटना हो रघुवर सरकार ने सड़क पर उतर कर काम करने का काम किया है। आप देख लीजिए कि महा गठबंधन सरकार ने मुसलमानों के लिए क्या किया। मुस्लिम समाज को इस पर विचार विमर्श करनी चाहिए। किस सरकार ने आपको क्या दिया। जिसके लिए आप मर मिटने को तैयार रहते हैं वह सरकार आपको रत्ती बराबर भी नहीं मानती और नहीं आपका काम करते हैं। ऐसे सरकार को उखाड़ फेंकने की जरूरत है।





