नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को राजधानी दिल्ली के व्यापारियों के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा मेट्रो सेवाओं को बाधित करने, सड़कों को सील करने और पूरी दिल्ली की घेराबंदी करने से राजधानी का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस स्थिति के लिए उन्होंने सीधे तौर पर सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।

'आरोपी नंबर 4' को बर्खास्त करने की मांग

अपने वोट चोरी के गंभीर आरोपों को दोहराते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है और उन्हें 'आरोपी नंबर 4' करार दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर व्यापारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा कि वे उनके दर्द और चिंताओं से पूरी तरह वाकिफ हैं।

उन्होंने आगे लिखा, "सरकार ने मेट्रो बंद कर दी, रास्ते सील कर दिए और पूरी राजधानी को ठप कर दिया। चोरी के वोट से कुछ भी सुरक्षित नहीं है—न आपकी दुकान, न आपकी जमा पूंजी और न ही आपके बच्चों का भविष्य। मोदी जी से कहिए कि वे 'आरोपी नंबर 4' (ज्ञानेश कुमार) को पद से हटाएं, और यह विरोध प्रदर्शन 30 सेकंड में बंद हो जाएगा।"

व्यापारियों की अपील और त्योहारों पर संकट का साया

राहुल गांधी का यह बयान व्यापारियों के उस अनुरोध के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने विरोध प्रदर्शनों को टालने की अपील की थी। 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI) ने शनिवार को राहुल गांधी को पत्र लिखकर आगामी 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित 'इंडी' गठबंधन की रैली को स्थगित करने का अनुरोध किया था।

व्यापारी संगठनों का तर्क था कि दीवाली के ठीक मुहाने पर इस तरह के आयोजनों और प्रदर्शनों से लगभग 10,000 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हो सकता है। CTI के अनुसार, इस साल 6 नवंबर को धनतेरस, 8 नवंबर को दीवाली और 10 नवंबर को भाई दूज का त्योहार है। दिल्ली में अकेले धनतेरस और दीवाली के दौरान सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, सूखे मेवे, मिठाइयां और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है, जो यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

इसे भी पढ़ेंः न्यायपालिका में महासंग्राम: पूर्व जस्टिस कौल का बड़ा खुलासा—'CJI रहते चंद्रचूड़ का था सरकार के प्रति झुकाव'

पहले ही हो चुका है करोड़ों का नुकसान

त्योहारों से ठीक पहले बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है, ऐसे में रैलियों और प्रतिबंधों के चलते कारोबारियों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक, अक्टूबर के महीने में भी कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और मध्य दिल्ली में विभिन्न मार्च और सड़कों के बंद होने के कारण व्यापारियों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहले ही झेलना पड़ चुका है। अब यह देखना अहम होगा कि राजनीतिक दलों और व्यापारियों के बीच इस गतिरोध का क्या समाधान निकलता है।

#RahulGandhi #DelhiTraders #ChiefElectionCommissioner #DiwaliShopping #BusinessLoss #IndianPolitics #DelhiNews #FestiveSeason #CurrentNews