पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,पाकुड़।इन दिनों जिलेभर में अवैध तस्करी के कई मामले सामने आ रहे हैं।देखा जाए तो अवैध तस्करी में बालू,पत्थर,कोयला,लकड़ी सहित कई तस्करियां रात के अंधेरे में जोरों पर हो रही है।ऐसा सूत्रों का कहना है।





यहां लकड़ी तस्करी की बात कर रहे हैं।गुप्त सूचना के आधार पर वन प्रमंडल विभाग को 22 जनवरी को गुप्त सूचना मिली थी कि सदर प्रखंड के कोसमा पाठक पाली होते हुए बंगाल तक लकड़ियों की अवैध तस्करी हो रही है,जिसे तत्परता से वन प्रमंडल पदाधिकारी सौरभ चंद्रा के निर्देशानुसार एक टीम गठित कर इस रास्ते पर तैनात किया गया। 23 जनवरी को करीब दो-तीन बजे सुबह एक जुगाड़ गाड़ी पर अवैध लकड़ी को लादकर कुसुमा फाटक पाली होते हुए बंगाल ले जाया जा रहा था।वन विभाग की टीम तत्परता से इस जुगाड़ गाड़ी को पकड़ने का कोशिश किया गया,लेकिन जुगाड़ गाड़ी के चालक गाड़ी को छोड़कर भागने में सफल रहा।





टीम द्वारा देखा गया कि जुगाड़ गाड़ी पर 12 वोटा मिश्रित प्रजाति के लकड़ी लदा हुआ था,जिसे अधिग्रहण करते हुए और इसे अवैध मानते हुए भारतीय वन अधिनियम 1927 (बिहार संशोधन अधिनियम 9/1990) की धारा- 33, 41, 42, 52, सह पठित झारखंड काष्ठ तथा अन्य वनोपोज के अभिवहन का विनियमन की नियमावली 2020 की धारा- 18 के उल्लंघन के जुर्म में धारा - 52 के अंतर्गत जब्ती की कार्रवाई की गई है।जब्त की गई 12 पीस मिश्रित बोटा लकड़ी और‌ जुगाड़ गाड़ी को वन क्षेत्र परिसर में लाकर रखा गया है।





वन विभाग द्वारा अवैध लड़कियों की तस्करी पर लगातार छापेमारी की जा रही है,जिससे वन लकड़ी माफियाओं में भय व्याप्त है। इस कार्य में मुख्य रूप से गश्ती दल की कमान वन क्षेत्र पदाधिकारी रामचंद्र पासवान ने संभाली। इस गश्ती दल में वनपाल बबलू कुमार देहरी, वनरक्षक मुहिलाल मुर्मू के साथ गृहरक्षक अनूप कुमार यादव, सुजीत पांडे, किशन यादव, संजीव कर्मकार और अन्य वनकर्मी शामिल थे।