प्रतिनिधि,जामा। इंडियन बैंक प्रयोजित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान जामा दुमका में चल रहे 13 दिवसीय कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन प्रमाण पत्र वितरीत कर किया गया।आरसेटी के निदेशक अनिल कुमार मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है, यहां बिना कृषि के सब कुछ अधूरा है और भारत की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर आधारित है। कृषि उधमी प्रशिक्षण के द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को नई नई तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई, जिससे वह एक सफल उद्यमी बनकर आगे बढ़े। साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में काफी संभावनाएं है। जरूरत है तो इस क्षेत्र में हो रही प्रगति को पहचानने और अपनाने की।उन्होंने कहा कि कृषि को उधम के रूप में अपनाकर कार्य करने से निश्चित ही सफलता मिलेगी। इस दिशा में आरसेटी का प्रशिक्षण निसंदेह कारगर साबित हो रहा है।
सिमडेगा से आये प्रशिक्षक निकोलस बरजो ने सभी प्रशिक्षुओं को कृषि के लिए तकनीकी, मिट्टी का पहचान, मानसून पैटर्न, मिट्टी की जांच एवं उपचार, जैविक कृषि , उन्नत किस्म के बीज, बीजों के उपचार, हॉटीकल्चर, गाय पालन, मछली पालन, क्रॉप प्लानिंग इत्यादि विषय को विस्तार से बतलाएं। मौके पर संस्थान के कार्यालय सहायक अभिषेक कुमार ने कहा कि संस्थान बेरोजगार लोगों को पहचान कर उनके इच्छा के अनुसार चयनित विषय पर नि:शूल्क प्रशिक्षण देती है। उन्होंने बताया कि संस्थान के द्वारा लोगों को विभीन्न कार्यक्रमों जैसे - गाय पालन, बकरी पालन, कृषि उद्यमी, सब्ज़ी नर्सरी प्रबंधन, एवं खेती, वस्त्र निर्माण, ब्यूटीशियन, कम्प्यूटर, एल.एम.भी, खिलौना गुड़िया निर्माण,दो पहिया मरम्मती, सेल फोन रिपेयरिंग आदि में प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षुओं का अंतिम मूल्यांकन भारत सरकार द्वारा कराया गया। इस मौके पर संकाय सदस्य उत्पल कुमार लाहा, कार्यालय सहायक अभिषेक कुमार,और अन्य उपस्थित थे।





