रांची।झारखंड उच्च न्यायालय ने ग्रामीण विकास विभाग में अनुबंध पर जूनियर इंजीनियरों के नियुक्ति मेरिट लिस्ट को जारी करने पर रोक लगा दी है।अगर मेरिट लिस्ट जारी की गई है तो वो अगले आदेश तक प्रभावी नहीं होगी।उत्तम कुमार ए‌वं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने यह निर्देश दिया।



अदालत ने सरकार को तीन सप्ताह में जवाब देने का भी निर्देश दिया है। ग्रामीण विकास विभाग अनुबंध पर पूरे राज्य में 526 जूनियर इंजीनियर की नियुक्ति कर रहा है।बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि वर्ष 2020-21 के लिए ग्रामीण विकास विभाग में कनीय अभियंता की अनुबंध पर नियुक्ति के लिए जिलावार विज्ञापन जारी किया गया था।विज्ञापन में पद पर नियुक्ति के लिए शैक्षणिक योग्यता सिविल अभियंत्रण में डिप्लोमा होल्डर के लिए 60 प्रतिशत अंक और एससी-एसटी के लिए 50 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य था। लेकिन विभाग ने जो औपबंधिक मेरिट लिस्ट जारी की है, उसमें ये पाया गया कि सीधे बीटेक करने वाले अभ्यर्थियों का चयन भी किया गया है। जबकि डिप्लोमा करने वालों और बीटेक करने वालों की पढ़ाई काफी अलग होती है। इसलिए मेरिट लिस्ट को रद्द किया जाना चाहिए। प्रार्थी ने रांची जिले के लिए निकले पद के लिए आवेदन दिया था।