लखनऊ। केंद्र सरकार के खेल रत्न पुरस्कार को हाकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद के नाम पर करने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।सीएम योगी ने पीएम मोदी के इस फैसले का स्वागत करते हुए ट्वीट किया है। 30 वर्ष पहले यह पुरस्कार देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के नाम पर शुरू किया गया था।

पीएम मोदी के खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलने के फैसले पर सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जन्मे देश के हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी के नाम पर खेल रत्न पुरस्कार का नामकरण असंख्य खेल प्रेमियों व सम्पूर्ण खेल जगत का सम्मान है।सीएम योगी ने ट्वीट किया उत्तर प्रदेश की ओर से आपका हृदय से आभार आदरणीय प्रधानमंत्री जी। देश लम्बे समय से हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग कर रहा था। प्रधानमंत्री मोदी ने खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार का नाम देकर भारत की खेलप्रेमी जनता को सबसे शानदार उपहार दिया है।

देश में अब खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के नाम से जाना जाएगा।पीएम मोदी ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की।अब तक इसे राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार कहा जाता था। 30 वर्ष के बाद अब इसका नाम बदल दिया गया है। यह भारत में खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।

आपको बता दें कि देश में खेल रत्न पुरस्कार की शुरूआत सरकार ने 1991-92 में राजीव गांधी के नाम पर की थी।

पहला खेल रत्न पुरस्कार भारतीय ग्रैंड मास्टर विश्वनाथन आनंद को दिया गया था। अब तक 45 लोगों को ये अवॉर्ड दिया जा चुका है। क्रिकेटर रोहित शर्मा, पैरालंपियन हाई जम्पर मरियप्पन थंगवेलु, टेबल टेनिस प्लेयर मनिका बत्रा, रेसलर विनेश फोगाट को यह अवॉर्ड दिया गया है। हॉकी में धनराज पिल्ले, सरदार सिंह और रानी रामपाल को खेल रत्न अवॉर्ड मिला। इससे सम्मानित होने वाले खिलाड़ी को प्रशस्ति पत्र, अवॉर्ड और 25 लाख रुपए दिए जाते हैं।