प्रतिनिधि,बड़कागांव। बड़कागांव प्रखंड के ग्राम बादम में एनटीपीसी बादम कोल खनन परियोजना के लिए गैरमजरूआ जमीन हस्तांतरण को लेकर बादम पंचायत भवन में शनिवार को ग्रामसभा का आयोजन किया जाना था। ग्रामसभा की सूचना पा कर सैंकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष सड़क पर आ कर ग्रामसभा का विरोध करने लगे। ग्रामीणों के विरोध के कारण अंचल कार्यालय के अधिकारी और एनटीपीसी के अधिकारी ग्रामसभा स्थल पर नहीं पहुंच सके। हालांकि इस दौरान कुछ ग्रामीण एनटीपीसी के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए।





इस दौरान ग्रामीणों के तरफ से किए गए ग्रामसभा में लिए गए निर्णय के रजिस्टर को प्रस्तुत किया गया। ग्रामीणों के द्वारा ग्रामसभा में निर्णय लिया गया के आम गैरमजूरवा रास्ता एवं देवी मंडप, कब्रिस्तान, खेल मैदान, गंवाठ बाबा सहित अन्य धार्मिक स्थल जो आम ग्रामीणों का है, अधिकारी सर्वजनिक भूमि का हस्तांतरण नहीं करने का अधिकार बनता है। ग्रामीण जनता का यह निर्णय है कि किसी भी प्रकार के जमीन किसी भी कंपनी को नहीं देंगे। जल जंगल जमीन ग्रामसभा का पूर्ण अधिकार है जिसे सरकार द्वारा बिना ग्रामसभा किए हस्तांतरण नहीं किया जा सकता है। 80 प्रतिशत खतियानी रैयत के बिना सहमति के कोई कंपनी को सरकार द्वारा जमीन हस्तांतरित नहीं किया जा सकता है। यह क्षेत्र बहु फसलीय है, सालों भर हरा भरा रहता है, यहां के मुख्य फसल धान, गेहूं, चना, उड़द, ईख, मसूर, अरहर एवं सालों भर हरा सब्जी उपजाकर आत्मनिर्भर हैं। यह क्षेत्र पहाड़ों से घिरा है,जिसमें कीमती लकड़ी, औषधीय पेड़ पौधे, फलदार वृक्ष, जंगली जानवर हिरण, सांभर, खरगोश, भालू, सियार, सूअर, मोर, तितर, एवं विभिन्न प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं। यहां से निकलने वाली नदी नाले दामोदर नदी का उद्गम क्षेत्र है जो जल का मुख्य स्रोत है। यहां के जंगल हाथी का कोरिडोर बन गया है। यहां कभी भी हाथी का आना जाना लगा रहता है। यहां की जनता किसी भी हाल में कोई भी कंपनी को किसी प्रकार का जमीन नहीं देंगे अतः आज की ग्राम सभा रद्द की जाती है।





ग्रामीणों के निर्णय को पढ़ने के बाद अंचल निरीक्षक, अमीन एवं अन्य अंचल कर्मचारी ने ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत किए गए रजिस्टर पर हस्ताक्षर किया। मौके पर अंचल निरीक्षक ने कहा के हम ग्रामसभा स्थल पर ग्रामसभा नही कर सके,लेकिन जो ग्रामीणों के द्वारा ग्रामसभा किया था मैं जनता की बात को आला अधिकारियों तक पहुंचा दूंगा। उन्होंने कहा के इस से पूर्व भी ग्रामसभा रखा गया था,लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण ग्रामसभा स्थगित कर आज की तिथि निर्धारित की गई थी। यहां के ग्रामीणों का विरोध है की हम लोग अपना जमीन नहीं देंगे और इस संबंध में इन्होंने अपना बैठ कर ग्रामसभा का प्रस्ताव तैयार किया। उन्होंने आगे कहा के जब तक ग्रामीणों की सहमति नहीं बनती है तब तक कोई भी कंपनी यहां कार्य नहीं कर सकती है। मौके पर मुख्य रूप से एनटीपीसी के अधिकारी सहित एसआई विजय सिंह एवं पुलिस बल के जवान उपस्थित थे।