रांची।झारखंड हाईकोर्ट में धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले में गुरूवार को सुनवाई हुई।सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई की जांच रिपोर्ट से असंतुष्‍टि जताई।अदालत ने जांच पदाधिकारी से कई सवाल पूछे,जिसका वो सही जवाब नहीं दे पाए।अदालत में सीसीटीवी फुटेज दिखाकर आईओ से सवाल पूछा कि जब ऑटो वाले ने जज को टक्कर मारी तो क्या इंपैक्ट वाली जगह की जांच के लिए एफएसएल को भेजा गया है या नहीं।



आइओ ने कहा क‍ि एसआइटी ने ऑटो को ही रांची एफएसएल भेजा है लेकिन रिपोर्ट अभी नहीं आई है।अदालत ने कहा कि इस मामले में सीबीआई से समय न गुजारे।अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उनपर भरोसा जताया था तो कोर्ट इसकी निगरानी करते हुए जांच को पूरा कराएगी।अदालत का मानना है कि अगर ऑटो से टक्कर हुई है तो इंपैक्ट वाली जगह पर ब्लड, बाल, चमड़ा का निशान जरूर होगा। इसकी एफएसएल जांच से कुछ जरूर सामने आएगा।

दूसरे राज्य से तार जुड़ने के सवाल पर आइओ ने कहा कि अभी तक कि जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई हैं। अदालत इस बात पर भी जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट इसी लिए पुलिस रिफॉर्म की बात कह रहा है, ताकि जांच और कानून व्यवस्था देखने वाले विंग को अलग अलग किया जाए, लेकिन कोई सरकार इसपर ध्यान नहीं दे रही है।किसी भी मामले में प्रोफेशनल जांच जरूरी है, नहीं तो कई बार आरोपी बरी हो जाते है। अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हर सप्ताह इसकी सुनवाई होगी। अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी। कोर्ट ने सीबीआई से जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में मांगी है।

मामला चीफ जस्टिस डा रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था।इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हर सप्ताह जांच की प्रगति रिपोर्ट में हाईकोर्ट में दाखिल करें। ताकि हाईकोर्ट उसकी समीक्षा कर सके।



पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि इस मामले के तार दूसरे राज्यों से जुड़ सकते हैं, इसलिए सरकार ने सीबीआई को जांच सौंपने का निर्णय लिया है। हालांकि इस मामले में पूर्व में राज्य सरकार ने एसआइटी का गठन किया था।जिसकी रिपोर्ट पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की थी। अदालत ने कहा था कि पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में छह घंटे की देरी की है। इसका लाभ आरोपितों को निचली अदालत में मिलेगा। आपको बता दें कि धनबाद प्रधान जिला जज के पत्र को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका में तब्दील कर सुनवाई कर रहा है।