गाजियाबाद।तुर्की में आए भूकंप से क‌ई हजार लोगों ने अपनी जान गंवाई,तो वहीं भारत ने भी ऑपरेशन दोस्त चलाकर तुर्की की हरसंभव मदद की।तुर्की में लोगों की मदद के लिए भारत से एनडीआरएफ की टीमें भेजी गईं थी।कई देशों ने भारत के इस कदम की जमकर तारीफ की।आज शुक्रवार को एनडीआरएफ की टीम तुर्की से वापस भारत लौटी तो लोगों ने टीम के सदस्यों का फूलमालाओं से स्वागत किया। टीम के सदस्यों के स्वास्थ्य की भी जांच की गई।





बता दें कि गाजियाबाद स्थित 8th बटालियन एनडीआरएफ के 51 सदस्यों का दल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए तुर्की गया था। तुर्की में एनडीआरएफ की टीम का नेतृत्व डिप्टी कमांडेंट दीपक तलवार ने किया।तुर्की में तापमान माइनस में था।ऐसे में टीम के लिए रेस्क्यू करना बहुत कठिन हो रहा था।इसके बाद भी एनडीआरएफ की टीम ने अभियान चलाकर लोगों की मदद की।एनडीआरएफ की डॉग स्क्वाड टीम भी तुर्की पहुंची थी।इसमें दो खोजी कुत्ते भी शामिल थे।दोनों कुत्ते ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई है।वापस लौटने पर खोजी कुत्तों को भी माला पहनाकर लोगों ने स्वागत किया।





डिप्टी कमांडेंट दीपक तलवार ने कहा कि हमें एनडीआरएफ पर गर्व है।विषम परिस्थितियों में भी हमारी टीम ने पूरी जिम्मेदारी से अपना दायित्व निभाया। उन्होंने कहा कि भारत से एनडीआरएफ की तीन टीमें तुर्की गईं थीं।तीनों टीमों ने बेहतर काम किया है।टीमों ने दो लाइव रेस्क्यू किए।गुरुवार तक टीमों ने 85 डेड बॉडी निकाली जा चुकी हैं।तुर्की में यहां की टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती मौसम था। जब हम वहां पहुंचे तो माइनस 7 डिग्री तापमान था।हमारी टीम के जवानों ने 30 मिनट में अपना कैंप लगा लिया।





दीपक तलवार ने कहा कि तुर्की में भूकंप से तबाह हुई इमारतों में कई आठ मंजिला इमारतें भी थी। इसमें दबे लोगों को निकालना खतरे से भरा था।उन्होंने कहा कि एक इमारत से हमारी टीम ने तीन डेडबॉडी निकालीं, जिनमें से एक महिला और दो बच्चे थे।उस महिला के पति ने टीम के साथ बहुत ही अच्छा व्यवहार किया।