रांची।झारखंड जगुआर के एक और जवान की ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई। पिछले कई सालों से ब्रेन मलेरिया बड़ी समस्या बना हुआ है।



ब्रेन मलेरिया झारखंड जगुआर के जवानों पर मानों कहर बनकर टूट रहा है।अब एक और जवान की इसकी वजह से मौत हो गई है।अभी तक ब्रेन मलेरिया से झारखंड जगुआर के 83 जवान शहीद हो चुके हैं।



झारखंड जगुआर के जवान उपेंद्र कुमार की ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई है।जवान पश्चिमी सिंहभूम के मलेरिया प्रभावित आरापीड़ी में तैनात था। 10 दिन पहले ही ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई थी। जवान को अग्रवाल नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था और फिर वहां से उसे मेडिका अस्पताल में शिफ्ट किया गया था, जहां जवान की मौत हुई।



जवान उपेंद्र कुमार मूल रूप से पलामू के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र में स्थित ओरिया के रहने वाले थे। 18 जुलाई 1997 को जन्मे उपेंद्र ने छह जून 2017 को झारखंड जगुआर में सिपाही के पद पर नौकरी शुरू की थी। जंगलों में उग्रवादियों के खिलाफ अभियान में झारखंड जगुआर के 83 जवान शहीद हो चुके है।ये आंकड़ा पिछले 13 सालों का है।आज जगुआर जवान बहुत सारी समस्याओं से जुझ रहे हैं। 2008 में सरकार द्वारा दी गई टूटी-फूटी गाड़ियों से इन जवानों को गश्त करनी पड़ती है।अभियान से लौटने के बाद पक्के मकान नहीं बल्कि टेंट में रहना पड़ता है।जगुआर परिसर में आज भी जवानों को पानी की समस्या को लेकर सामना करना पड़ता है। झारखंड जगुआर के मृतक जवान उपेन्द्र कुमार जंगल में उग्रवादियों के खिलाफ अभियान में शामिल थे। इसी दौरान मलेरिया फैलाने वाले मच्छर के काटने से उन्हें ब्रेन मलेरिया हो गया था। झारखंड पुलिस राज्य से नक्सलियों के खात्मे को लेकर अभियान चला रही है वही बरसात के दिनों में नक्सल प्रभावित इलाकों में चलाये जा रहे अभियान के दौरान पुलिस अधिकारी व जवान सतर्क रहते है जवान बरसात के मौसम में खासा सतर्क रहते है।झारखंड पुलिस बरसात के समय में दिन रात लगातार सर्चिंग अभियान चला रही है,जिससे नक्सलियों के मंसूबे कभी सफल न हो पाए।