झारखंड से जुड़ी हैं सीडीएस रावत की यादें, गुमला के जारी ब्लाॅक को दिया था वीरभूमि का दर्जा
झारखंड से जुड़ी हैं CDS रावत की यादें,गुमला के जारी ब्लॉक को दिया था वीरभूमि का दर्जा <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

गुमला। चीफ ऑफ डिफेंस बिपिन रावत की यादें झारखंड से भी जुड़ी हुई हैं।पत्नी मधुलिका रावत के साथ 2019 को गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड आये थे और 1971 के युद्ध के हीरो परमवीर चक्र विजेता शहीद अलबर्ट एक्का की पैतृक प्रखंड जारी को वीर भूमि का दर्जा दिया था।बुधवार को अचानक कुन्नूर में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद गुमला के लोग शोक में डूब गए हैं।
4 जनवरी 2019 को गुमला के चैनपुर प्रखंड आये सीडीएस बिपिन रावत ने कहा था कि आओ झुककर उन्हें सलाम करें जिनके हिस्से में ये मुकाम आया है।खुशनसीब होते हैं, वे सैनिक, जिनका खून देश के काम आता है। सीडीएस बिपिन रावत ने गुमला के चैनपुर आगमन के बाद वापस जाते-जाते कहा था कि मैं अपना दिल छोड़कर जा रहा हूं और झारखंड वासियों की यादें लेते जा रहा हूं।
सीडीएस बिपिन रावत ने चैनपुर में शहीद अलबर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का (अब स्वर्गीय) को 51 हजार रुपये का चेक सहित 26 वीर नारियों व भूतपूर्व सैनिकों को 10-10 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया था। रावत और उनकी पत्नी ने सभी वीर नारियों व भूतपूर्व सैनिकों के साथ एक पंक्ति में बैठकर फोटो खींचवाये थे।गुमला के कई पत्रकारों से भी फोटो खिंचवाते हुए उन्होंने कहा था कि झारखंड को सुंदर राज्य बनाने के लिए सभी पत्रकार अच्छी-अच्छी बातों को लिखें।
चैनपुर प्रखंड के बारवे हाई स्कूल मैदान में भारतीय सेना द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। सम्मान समारोह में झारखंड राज्य के सभी जिलों के भूतपूर्व सैनिक, वीर नारी, विभिन्न युद्धों में शहीद हुए जवानों के परिजन पहुंचे थे।इन लोगों से रावत और उनकी पत्नी मिले थे। यहां तक कि पूरे कार्यक्रम में रावत के चेहरे में मुस्कान देख लोग उत्साहित भी हुए थे। मंच से उतरकर रावत और उनकी पत्नी सभी लोगों से मिले थे।हर एक भूतपूर्व सैनिक का हालचाल पूछा था।इस दौरान रावत ने चैनपुर जारी और डुमरी प्रखंड के अलावा दूसरे जिले से आये भूतपूर्व सैनिक व वीर नारियों से अपने बच्चों को सेना में भेजने की अपील भी की थी और कहा था कि गुमला जिला की भूमि सैनिकों से भरी पड़ी है। इसलिए यहां के युवक जितना अधिक हो सके सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करें।
सीडीएस बिपिन रावत ने कहा था कि इस धरती ने वीर सपूत को जन्म दिया।जिसने पूरे भारत वर्ष में नाम कमाया।लांस नायक के कारण गुमला के चैनपुर और जारी का भी नाम हो रहा है।आज इस भूमि को वीर भूमि का दर्जा दिया जाता है। इस वीर भूमि पर पूरे देश को गौरव है।मैं यकीन दिलाता हूं. इस क्षेत्र के जितने भी जवान हैं वो बहादुरी से ड्यूटी करें।दृढ़ निश्चय से काम करे सफलता प्राप्त होगी।जो जवान अपने जीवन का अधिकतम समय भारतीय सेना में देते हैं, वे भारतीय सेना का नाम बढ़ा रहे हैं।मुझे गर्व है आप अपने क्षेत्र में उदाहरण बनेंगे।सेना में कार्यरत जवानों का अनुशासन, हौसला व कार्रवाई देखकर हर क्षेत्र के युवा प्रोत्साहित हो, इस क्षेत्र के जवान ज्यादा से ज्यादा संख्या में भातीय सेना में दाखिल हो बहादुरी दिखाने का अच्छा अवसर है।
सीडीएस बिपिन रावत ने कार्यक्रम में शहीद अलबर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का सहित 26 वीर नारियों व भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किये थे. बलमदीना एक्का को 51 हजार रुपये, वहीं बेरनादेत किड़ो, सिलमंती कुजूर, सुभाषी बागे, सिलवंती तिड़ू, उर्मिला केरकेट्टा, संकलिया देवी, मंजू देवी, फूलमुनी बेसरा, सुचिता तिर्की, इमिलयानी एक्का, सेलेन तिर्की, विनिता देवी, बेरनादेथ होरो, पुष्पम देवी, गौरेती कुजूर, अनंतिसया होरो, वीणा तिग्गा, मेरी खलखो, पुनिया तिर्की, संध्या देवी, फगुवा उरांव, कोमल कुजूर, दिलीप कुमार मिंज, किशोर मल्लाह, ललन राय को 10-10 हजार रुपये का चेक दिया गया था।
सीडीएस बिपिन रावत का गुमला के चैनपुर में कार्यक्रम था,लेकिन दिसंबर माह से ही चैनपुर प्रखंड का नजारा मिनी कश्मीर की तरह हो गया था। पूरा इलाका सैन्य छावनी में तबदील हो गया था, जगह-जगह पर सेना के जवान व अधिकारी नजर आ रहे थे। उस समय चैनपुर के लोगों गर्व से फूले नहीं समा रहे थे, क्योंकि चैनपुरवासियों के साथ सेना के अधिकारी व जवान भी घुल-मिल गये थे।
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