प्रतिनिधि,जमशेदपुर।झारखंड के रेल डीजी अनिल पाल्टा ने स्वीकार किया है कि ट्रेनों में इन दिनों गांजा की तस्करी बढ़ी है। जिसमें लगाम लगाने की जरूरत है और जिसका प्रयास भी शुरु कर दिया गया है। जिसके तहत टाटानगर समेत रेल एसपी को इसे लेकर विशेष टॉस्क भी दिए गए हैं। गांजा तस्करी रोकने के लिए विशेष टीम को लगाया जाएगा।





डीजी अनिल पाल्टा सोमवार को टाटानगर रेल पुलिस मुख्यालय का वार्षिक निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि रेल पुलिस में एसआई की कमी है। जिसके लिए मुख्यालय को पत्र भी लिखा गया है। उम्मीद है कि शीघ्र ही अफसरों की प्रतिनियुक्ति हो जाएगी। जिसके बाद काम करने में आसानी होगी। साथ ही रेल पुलिस जवानों की समस्या पर भी वे गंभीर दिखे। उन्होंने कहा कि जवानों के रहने के लिए बैरक बनाई जाएगी। जिसके तहत जमीन का चयन कर रेलवे से एनओसी भी मांगी जाएगी।





डीजी अनिल पाल्टा ने बताया कि पूर्व की अपेक्षा रेल थाना के कामकाज में काफी सुधार हुआ हैं। वहीं कई मामलों का निष्पादन किया गया है। जबकि अभी भी कई ऐसे बड़े मामले हैं जिसका निष्पादन नहीं हो सका है। जिसके लिए दिशा निर्देश भी दिया गया है। उन्होंने बताया कि टाटानगर रेलवे स्टेशन से गायब नाबालिक बच्ची की खोजबीन के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है।





डीजी अनिल पाल्टा ने बताया की उनके अधीन आठ रेल थाना आते हैं। जिसमें धनबाद, रांची और टाटानगर का रेल थाना महत्वपूर्ण है। इन तीनों स्टेशन से लंबी दूरी की गाड़ियों का परिचालन होता है। जिसमें यात्रियों की भीड़ भी अधिक होती है। ऐसे में यात्रियों को सुरक्षा देना उनकी पहली प्राथमिकता है।





शहर दौरे पर पहुंचे रेल डीजी अनिल पाल्टा ने टाटानगर रेल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद एसपी कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों की जानकारी के साथ साथ तकनीकी असुविधा की जानकारी भी ली। उन्होंने बैठक के दौरान रेल पुलिस अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। जबकि देर शाम तक निरीक्षण कार्यक्रम के बाद डीजी ने मुख्यालय छोड़ा। जिससे रेल पुलिस अधिकारियों ने चैन की सांस ली।