प्रतिनिधि, दुमका। जिले केउपायुक्त रविशंकर शुक्ला के द्वारा सोमवार को समाहरणालय भवन के सभागार में जिले के टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी बेहतर देखभाल करने वाले निक्षय मित्रों को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया।जानकारी दी गयी कि वर्तमान में जिले में 794 मरीज हैं जो टीबी के दवा का सेवन कर रहे हैं।जिनमें 644 मरीजों को निक्षय मित्रों के द्वारा गोद ले लिया गया है।इस कार्य मे समाज सेवी संस्था के साथ साथ कई संगठन भी कार्य कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री के वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत की परिकल्पना को साकार करने को लेकर निक्षय मित्र योजना शुरू की गई है, जिसके तहत जिला स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त रूप से निजी व्यक्ति, संस्था और कॉरपोरेट फर्म टीबी मरीजों को गोद ले सकते हैं। इस योजना के माध्यम से टीबी रोग का उन्मूलन करना है। साथ ही ऐसे रोगियों को मुफ्त आहार/पोषण प्रदान करना है।
उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।समाज में टीबी को लेकर कई भ्रांतियां व्याप्त हैं, जिसे जनजागरूकता के माध्यम से खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र स्वयं की इच्छा से टीबी मरीजों को गोद ले रहे हैं एवं पौष्टिक आहार देकर उनका सहयोग कर रहे हैं,जो निश्चय ही एक सकारात्मक पहल है।कहा कि जिले के 80 प्रतिशत टीबी मरीज ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं।गांव मे रहने वाले हमारे आदिवासी समाज के लोग मजदूर भाई कई बार दिन भर में एक बार ही भोजन कर पाते हैं ऐसे उन्हें पोषक आहार मिले यह हम सभी को सुनिश्चित करना है।टीबी मरीज जल्द से जल्द ठीक हों यह हम सभी के लिए एक चुनौती है।मरीज जल्दी ठीक होंगे तो संक्रमण के फैलने का खतरा कम रहेगा।इसे समझने की जरूरत है तथा अधिक से अधिक निक्षय मित्रों को इस कार्य से जोड़कर टीबी का जड़ से खत्म करना है।इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।





