देवघर के रिखियापीठ में पांच दिवसीय शतचंडी महायज्ञ की हुई शुरूआत,बाहरी श्रद्धालुओं की नो एंट्री
देवघर के रिखियापीठ में पांच दिवसीय शतचंडी महायज्ञ की हुई शुरुआत,बाहरी श्रद्धालुओं की नो एंट्री <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

झारखंड के देवघर के रिखियापीठ में रविवार से पांच दिवसीय शतचंडी महायज्ञ सह सीता कल्याणम की शुरुआत हुई।इस दौरान काेरोना संक्रमण की वजह से बाहरी श्रद्धालुओं के आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।आश्रम के अंदर के संन्यासी और श्रद्धालु शतचंडी महायज्ञ में शामिल हुए।ग्रामीणों के बीच देवी मां का प्रसाद वितरण यज्ञ स्थल के दरवाजे के बाहर से ही किया गया।
स्वामी सत्संगीजी के मार्गदर्शन में रविवार को पंडितों ने अर्णी से अग्नि प्रज्वलित कर शतचंडी महायज्ञ में हवन की शुरुआत की।संन्यासियों ने यज्ञ का ध्वजारोहण किया और साथ ही पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ गुरु पूजा की।संन्यासियों ने देवी मां व गुरु को समर्पित भजन-कीर्तन कर यज्ञ परिसर को भक्तिमय कर दिया।
शाम को संन्यासियों ने देवी मां को समर्पित दुर्गती नाशिनी दुर्गा जाय-जय... समेत गुरु को समर्पित गुरुर ब्रह्मा गुरु विष्णु कीर्तन में झूमे।पूरे अनुष्ठान के दौरान भक्तों के बैठने की दीर्घा खाली रही।यज्ञ परिसर में केवल पंडित व संन्यासी ही शामिल हुए। 8 दिसंबर को सीता कल्याणम व यज्ञ की पूर्णाहुति होगी।
इस महायज्ञ का आयोजन रिखियापीठ की पीठाधीश्वरी स्वामी सत्संगीजी के मार्गदर्शन में हो रहा है।आश्रम में महायज्ञ के लिए यज्ञ मंडप तैयार हुआ है। पंडित मंत्रोच्चारण व पूरी परम्परा के साथ महायज्ञ में शामिल हो रहे हैं।
आपको बता दें कि पिछले साल भी कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए रिखियापीठ में शतचंडी महायज्ञ आयोजित हुआ था,जिसमें केवल आश्रम के श्रद्धालु ही शामिल हुए थे।
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