पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,हज़ारीबाग।विनोबा भावे विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय द्वारा संबंध बीएड महाविद्यालय के प्राचार्यों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पवन कुमार पोद्दार ने की।बैठक मुख्य रूप से नैक प्रत्यायन के विषय पर आयोजित की गई थी।
कुलपति प्रोफेसर पवन कुमार पोद्दार ने सभी महाविद्यालय के प्राचार्यों और उपस्थित प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए नैक प्रत्यायन से संबंधित नियमों की विस्तृत जानकारी दी। कुलपति ने बताया कि नैक प्रत्यायन को बहुत कठिन नहीं समझा जाय।आवश्यकता है सभी प्रपत्रो को इकट्ठाकर व्यवस्थित रखने की।
कुलपति पवन कुमार पोद्दार ने बताया कि महाविद्यालयों में सतत मुलभूत सुविधाओं का विकास करना जरूरी है,जिससे नैक मूल्यांकन में अच्छा अंक प्राप्त किया जा सके। कुलपति ने कहा कि सही परिणाम के लिए टीमवर्क की जरूरत है।
कुलपति पवन कुमार पोद्दार ने बेस्ट प्रैक्टिसेज,शिक्षकों की गुणवत्ता,प्रायोगिक शिक्षा,विस्तार कार्यक्रम आदि पर विशेष बल देने की जरूरत बताया। कुलपति ने स्थानीय मांग के अनुसार नऐ पाठ्यक्रम चालू करने और उन्हें वैश्विक बनाने की सलाह दी।सिर्फ डिग्री देने की जगह समग्र विकास पर बल देने की आवश्यकता है।छात्रों में संस्कार देने की सतत कोशिश करनी चाहिऐ।
कुलपति पवन कुमार पोद्दार ने कहा कि अति शीघ्र नैक से संबंधित एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।कार्यशाला के लिए संयुक्त रूप से गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय और स्वामी धर्मबंधु शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय द्वारा सहमति दी गई। कार्यशाला में सभी प्राचार्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।कुलपति ने सभी प्राचार्यों को एक दूसरे से समन्वय बनाकर विभिन्न क्षेत्रों में MoU कर नैक की तैयारी में लगे रहने की सलाह दी।विश्वविद्यालय की तरफ से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
आदर्श कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर बिमल कुमार मिश्रा ने प्राचार्य को जानकारी दी की पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय खो-खो (महिला) प्रतियोगिता की मेजबानी विश्वविद्यालय के प्रांगण में दिनांक 06-08 फरवरी को सुनिश्चित किया गया है। उक्त कार्यक्रम मे सभी महाविद्यालयों की सहभागिता एवं सहयोग के लिए उन्होंने आह्वान किया।
बैठक का संचालन नैक समन्वयक डॉक्टर गंगानन्द सिंह और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव ने किया।कार्यक्रम में छात्र कल्याण संकायअध्यक्ष डॉक्टर विकास कुमार, कुलानुशासक प्रोफेसर मिथिलेश कुमार सिंह, कुलानुशासक जागेश्वर मंडा और मिनहाज उपस्थित थे।





