पसेरिया में फिर रैयतों के पक्ष में आया फैसला, रैयतों को जमीन वापसी होगी





मेसर्स रोहने कोल कंपनी लिमिटेड ने जमीन अधिकृत की थी





प्रतिनिधि,बड़कागांव। बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत नापोखुर्द पोटंगा पंचायत क्षेत्र इंदिरा चिरंवा तथा पसेरिया में मेसर्स रोहने कोल कंपनी लिमिटेड के द्वारा सन 2010 के आसपास स्थानीय रैयतों से जमीन ली थी, लेकिन एक लम्बी समय अवधि में कंपनी खनन नहीं कर पाई। तब रैयतों ने अपनी जमीन वापसी के लिए 2022 में न्यायालय सह राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग मंत्री चंपई सोरेन के याचिका दायर की।एक वर्ष कानूनी प्रक्रिया के बाद न्यायालय पीठासीन पदाधिकारी सह मंत्री चंपई सोरेन के द्वारा छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908 की धारा 49(5) के तहत सुनवाई करते हुए मेसर्स रोहने कोल कंपनी लिमिटेड के रैयतों के पक्ष में फैसला सुनाया।





याचिका दायर कुल 16 खाता के रैयतों ने लगाया था,जिसमें लगभग 62 रैयतों शामिल थे, जिसमें 112.75 एकड़ ज़मीन शामिल था। 5 खाता राजू सोरेन वगैरा, 19 खाता रतीलाल मुर्मू वगैरा, 217 खाता चंद्रिका मुंडा वगैरा, 20 खाता दशाई मांझी वगैरा, 14 खाता रामदास मांझी वगैरा, 10 खाता परमेश्वर मांझी वगैरा, 1 तथा 13 खाता नागेश्वर उरांव वगैरा, 11 खाता अमीरलाल मांझी वगैरा, 15 खाता सुनील हेम्ब्रम वगैरा, 24 खाता महादेव मांझी वगैरा, 12 खाता चरकु मांझी वगैरा, 17 खाता बशंत तिर्की वगैरा, 22 खाता महेंद्र कुमार भोक्ता वगैरा, 24 खाता सबना मांझी वगैरा, 10 खाता मालो देवी वगैरा के रैयत शामिल हैं। उक्त आदेश मंत्री के आपद सचिव अमित कुमार पीआर नंबर 300013/23-24 जारी की गई है। वहीं रैयतों ने राजेश सरकार तथा मंत्री चंपई सोरेन का स्थानीय विधायक अंबा प्रसाद को आभार व्यक्त किए। आभार व्यक्त करने वाले में से मुख्य रूप से बड़कागांव पूर्वी जिप सदस्य गीता देवी, जोपल मांझी, दीपक करमाली, दशाई मांझी, महेंद्र भोक्ता, मोतीलाल मांझी, शंकर सोरेन, चरकू मांझी, बसंत तिर्की, मनीष राम किस्कू, मुन्ना मुंडा इत्यादि लोग शामिल हैं।