रांची।झारखंड में हो रही मूसलाधार बारिश के बीच दुर्घटनाओं का सिलसिला भी जारी है।ऐसी ही एक खबर राजधानी रांची से सामने आई है।राजधानी के लोगों को एक बार फिर नाले का भयानक रूप देखने को मिला है।जहां एक बुजुर्ग का पैर फिसल गया और नाले के तेज बहाव में बह गया।पुलिस और लोगों ने रात भर बुजुर्ग की तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया।नगर निगम की बड़ी लापरवाही के कारण नाला खुला हुआ था।नाले का बारिश के कारण बहाव भी तेज था।



मिली जानकारी के अनुसार राजधानी रांची के पंडरा अंबानगर मुहल्ले में फल बेचने वाले बुजुर्ग अजय प्रसाद अग्रवाल नाले के तेज बहाव में बह गए।देर शाम बुजुर्ग अपने घर जा रहा था, तभी सड़क पर बह रहे पानी के कारण नाले का पता नहीं चल सका।बुजुर्ग जब तक कुछ समझ पाता तब तक नाले का तेज बहाव बहा ले गया।वहां पर मौजूद कुछ लोग बुजुर्ग को बचाने के लिए भी दौड़े,लेकिन नाले का तेज बहाव को देखकर वो भी बुजुर्ग को बचाने की हिम्मत न जुटा पाए।



पवन अग्रवाल ने बताया कि पिछले तीन दिन से हो रही बारिश से नाला उफान पर था।नाला और सड़क के बीच अंतर कर पाना मुश्किल था और इसी वजह से बुजुर्ग का पैर नाले में गया और नाले ने उन्हें अपने आगोश में ले लिया।पवन ने बताया कि मोहल्ले के चार युवक भी कुछ दूरी पर बैठे हुए थे वो भी बुजुर्ग को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन नाले का तेज बहाव देखकर वो भी बचाने की हिम्मत नहीं कर पाए।जानकारी मिलने के साथ ही पंडरा ओपी पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बुजुर्ग की तलाश की।पुलिस ने मामले में एनडीआरएफ का सहयोग लेने की बात कह रही है।



आपको बताते चले कि राजधानी रांची में ये कोई पहली बार नहीं है,जब कोई नाले में बह गया हो।हिंदपीढ़ी इलाके से सबसे पहले एक बच्ची खतरनाक नाले का शिकार बनी थी, जिसका शव स्वर्णरेखा नदी में मिला था।पिछले साल कजकर इलाके में इस तरह का हादसा देखने को मिला था, जहां एक युवक अपनी बाइक के साथ नाले में बह गया था।खतरनाक नालों को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने भी निगम को निर्देश दिया था, इसके बाद भी नगर निगम इसको लेकर उदासीन रवैया है।