प्रयागराज। बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल हत्याकांड को शासन ने बड़ी गंभीरता से लिया है।पुलिस महानिदेशक डीएस चौहान ने प्रयागराज कमिश्नरेट से वारदात की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर शासन को भेजी है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को उमेश पाल को मारने वाले शूटरों की तलाश में लगाया गया है। डीजीपी ऑफिस से एसटीएफ के कई अधिकारियों को प्रयागराज यूनिट की मदद करने भेजा गया है।





एसटीएफ की टीमें आसपास के जिलों में भी शूटरों की तलाश में जुटी हुई है।उमेश पाल हत्याकांड को लेकर प्रयागराज पुलिस के कुछ अधिकारियों पर हंटर चल सकता है। अतीक के भाई अशरफ पर भी जेल में पैनी निगाह रखी जा रही है। बीते कुछ दिनों के दौरान जेल में आए मुलाकातियों के बारे में भी छानबीन शुरू हो गई है। डीजीपी ऑफिस से प्रयागराज कमिश्नरेट से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।एसटीएफ मुख्यालय के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए जाने के साथ ही एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट को सक्रिय किया गया है।





बता दें कि कुछ महीने पहले राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल ने पूर्व सांसद माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के खिलाफ धमकी देने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।





एडीजी एलओ प्रशांत कुमार ने कहा कि एसटीएफ को भी सक्रिय किया गया है। अतीक के विरुद्ध कोर्ट में 54 मुकदमे विचाराधीन हैं। उसकी 1200 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों को बीते पांच साल में पुलिस ने जब्त किया है। जल्द ही इस घटना को अंजाम देने वाले शूटर दबोच लिए जाएंगे।