बच्चियों ने मानव शृंखला बनाकर बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओं का दिया संदेश





बेटी पढ़ाओं,बेटी बचाओ अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिले के विभिन्न विद्यालयों में चलाया गया जागरूकता अभियान





पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,गिरिडीह।जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप ने बताया कि बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओं अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज बुधवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाया गया।स्नेह ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से लिंग आधारित भेदभाव को कम करने,शिक्षा को बढ़ावा देने तथा बालिकाओं के अस्तित्व और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है।





स्नेह कश्यप ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के लिए अधिक अवसरों का समर्थन करने,शिक्षा,कानूनी अधिकार,चिकित्सा,देखभाल,महिलाओं के प्रति हिंसा और बाल विवाह जैसे विषयों के संबंध में जागरूक करना है।उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म पर भी समाज में फैली गलत धारणाओं को मिटाकर हम एक सुदृढ़ समाज व सकारात्मक सोच के साथ जीवन व्यतीत कर सकते है।





स्नेह कश्यप ने कहा कि बेटी ही समाज के उत्थान का कारण बन सकती हैं। इस प्रकार की गतिविधियों से हम समाज को बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओं का संदेश दे सकते हैं।इस अभियान का उद्देश्य किशोरियों को लेकर समाज में फैली हुई भेदभाव को मिटाना है।साथ ही जेंडर राशियों में भी सुधार करना है। उन्होंने कहा कि बालक एवं बालिकाओं का जन्मदर अनुपात को समान करना है तथा कन्या भ्रूण हत्या को रोका जाना है। इस अभियान के कुरीतियों को दूर किया जाना है।





बता दें कि समाहरणालय स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय में भी बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओं अभियान के तहत बाल विवाह को रोकने,बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर शपथ दिलाई गई।इस दौरान किशोरियों के लिए चार मुख्य अधिकार जीने का अधिकार,विकास का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार और सहभागिता का अधिकार आदि के संबंध में जानकारी दी गई।