बलिया। उत्तर प्रदेश के दिव्यांग जन सशक्तिकरण मंत्री एवं भाजपा नेता अनिल राजभर ने रविवार को बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती द्वारा ब्राम्हण सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा पर मीडिया से बातचीत करते हुए बसपा सुप्रीमों पर निशाना साधते हुए कहा कि मायावती अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही हैं और बसपा का ब्राह्मण समाज का सम्मेलन आयोजित करना अवसरवादी राजनीति का एक उदाहरण है।राजभर ने बसपा के ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित करने से जुड़े मीडिया के एक सवाल के जबाब में दावा किया कि ब्राह्मण समाज 2022 में बसपा को जबाब देगा।अनिल राजभर ने बसपा सुप्रीमों पर ऐसी कमरे में बैठकर ट्विटर व सोशल मीडिया पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि बसपा को चुनाव के कारण ब्राह्मण याद आ रहे हैं। राजभर ने कहा कि बसपा सुप्रीमों मायावती को न तो धरती की जानकारी है और न आसमान की। उन्हें जनता की समस्याओं पर कभी संघर्ष नहीं करना है और न किसानों पर कभी बात करनी है। दलितों की हालत देखने के लिए भी कभी नहीं निकलती हैं सिर्फ ऐसी के बंद कमरे से ट्विटर व सोशल मीडिया पर राजनीति करती हैं।