रांची।बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान से झारखंड में तीन दिनों तक मूसलाधार बारिश हुई।लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर है।मूसलाधार बारिश ने भ्रष्‍टाचार का बड़ा मामला भी उजागर कर दिया है।बुंडू-तमाड़ सीमा पर कांची नदी के हेठ बुढाडीह-हाराडीह पर पुल का निर्माण हुआ था।पुल का निर्माण कार्य 2014-15 में शुरू हुआ था जो 2017-18 में पूरा कर लिया गया था।इस पर 14 करोड़ रुपये की लागत आई थी। मूसलाधार बारिश में ये पुल जमींदोज हो गया।पुल का निर्माण मेसर्स एनके पांडेय कंस्ट्रक्शन ने कराया था।हाल ही में ध्वस्त बामलाडीह पुल का भी इसी ने निर्माण कराया था। ऐसे में इस कांची नदी पर बने पुल के निर्माण को लेकर सवाल उठने लगे हैं और साथ ही पुल का जमींदोज होना बड़े भ्रष्‍टाचार की तरफ भी इशारे कर रहा है।



मिली जानकारी के अनुसार रांची जिले के बुंडू प्रखंड के बुढाडीह-हाराडीह घाट के कांची नदी पर 14 करोड़ रूपए की लागत से पुल बनाया गया था।बुधवार दोपहर बाद ये पुल जमींदोज हो गया। 27 अप्रैल को यास चक्रवाती तूफान के समय हुई मूसलाधार बारिश से पुल का एक स्पॉन पूरी तरह जमींदोज होने से दो स्लैब पूरी तरह से झुक गई थी और आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया था, तब ये पुल सुर्खियों में आया था। राजनीतिक दलों के नेताओं ने पुल का निर्माण कराने वाली कंपनी पर सवाल उठाए थे।उस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर एक जांच कमिटी बनी थी।इस जांच कमिटी में ग्रामीण विकास विभाग, विशेष प्रमंडल रांची- एक के अधीक्षण अभियंता आरके तिवारी और कार्यपालक अभियंता बीके वर्मा ने 28 अप्रैल को कांची नदी पर क्षतिग्रस्‍त पुल का निरीक्षण किया था।