रांची के स्कूलों की डेढ़ सौ बसें कबाड़ घोषित होंगी और ये इन बसों का सड़कों पर संचालन नही होगा।झारखंड सरकार की कबाड़ नीति लागू होते ही इन स्कूल बसों का परिचालन ठप हो जाएगा। इसके अलावा वो भी बसें अनफिट करार दी जाएंगी जो फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाएंगी।सरकार की नई नीति के मुताबिक 15 साल पुराने व्यावसायिक वाहन कबाड़ माने जाएंगे।



आपको बता दें कि एक हजार से ज्यादा बसें रांची के स्कूलों में चलती हैं।इनमें लगभग डेढ़ सौ बसें पंद्रह साल पुरानी हैं। अब इन बसों का नये नियम के साथ सड़कों पर चलना मुश्किल होगा।सरकार की नई नीति जैसे ही लागू होगी 15 साल पुरानी बसों के खिलाफ सख्ती शुरू हो जाएगी।स्कूल की बसों के साथ-साथ पुराने वाहनों की भी जांच की जायेगी और फिटनेस सर्टिफिकेट की भी जांच की जाएगी।

जिला प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक सरकार का आदेश मिलते ही इस पर काम शुरू होगा।इसके पूर्व भी बसों की जांच की जाती थी और फिटनेस सर्टिफिकेट की मांग की जाती थी।फिटनेस न होने पर कई स्कूलों को नोटिस दिया गया था और जुर्माना भी लगा था। अब बसों की जांच की जाएगी तो फिटनेस ही नहीं बल्कि सभी मानकों की जांच की जाएगी।

स्कूल के बसों के लिए सुप्रीम कोर्ट और सीबीएसई ने जो गाइडलाइन दी है, उसके अनुसार व्यवस्था की जांच की जाएगी। रांची के अधिकतर स्कूलों में बस ऑपरेटर उपलब्ध कराते हैं, जबकि कुछ स्कूलों की अपनी बसें भी हैं। नए नियम लागू होने के बाद स्कूल प्रबंधन और ऑपरेटरों को 15 साल पुरानी बसें स्कूलों में नहीं भेजने का आदेश दिया जाएगा।इसके बाद नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक सरकार की नई नीति का आदेश जारी होने के बाद व्यावसायिक और निजी दोनों वाहनों की जांच की जायेगी।सिटी बसें भी जांच के दायरे में आएंगी और सभी का फिटनेस टेस्ट किया जाएगा।नए नियम लागू होने के बाद फिटनेस सेंटर की संख्या भी बढ़ेगी। इसलिए वाहनों की फिटनेस जांच में विलंब नहीं होगा।