वाराणसी।राम नगरी अयोध्या में रामलला मंदिर से पहले आध्यात्मिक नगरी काशी में भोले का कॉरिडोर पूरा हो जाएगा।राम मंदिर का कार्य 2023 व काशी विश्वनाथ कॉरिडोर 2021 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।पूरी उम्मीद है कि यूपी 2022 में वाला विधानसभा चुनाव से पहले इस कॉरिडोर को जनता को सौंप दिया जाएगा।काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में जहां मुख्य मार्गों को सजाया जाएगा वहीं गंगा व्यू कैफे दी को बनाया जा रहा है जहां बाबा के दर्शन को आने वाले श्रद्धालु लजीज और सात्विक भोजन का भी आनंद उठा सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के हो रहे निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा का कहना हैं कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सुंदरीकरण और विस्तारीकरण की परियोजना तेज गति से चल रही है और अभी तक 60 फीसदी से ज्यादा काम भी पूरा हो चुका है।इस परियोजना में जितने भी भवन बनने थे वे बन चुके हैं और अभी सिर्फ सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में मुख्य आकर्षण मंदिर परिसर और चौक एरिया है।चौक एरिया में ही ऑफिस के साथ ही बड़े-बड़े इंपोरियम भी हैं। यहां पर प्रदर्शनी और अन्य चीजें लगेंगी।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बनने के बाद जो रुप निकल कर आएगा लोग उसको देख कर मनगुग्ध जाएंगे। कॉरिडोर में वाराणसी गैलरी, म्यूजियम, दोनों तरफ दुकानें, टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर और यात्री सुविधा केंद्र की व्यवस्था और कई अन्य प्रस्तावित कार्य भी हैं। कॉरिडोर को बनाने का लक्ष्य 15 नवंबर तक निर्धारित किया गया है।कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक सभी का एक मकसद है कि कार्य 15 नवम्बर तक पूरा हो जाए।
काशी विश्वनाथ धाम प्रोजेक्ट 50260 वर्ग मीटर एरिया में फैला हुआ है और इसमें 24 भवन हैं। यह पूरा प्रोजेक्ट 339 करोड़ रुपए का है। जिसमें ज्यादातर सिविल वर्क कंप्लीट हो गया है। उम्मीद है कि 15 नवंबर तक कॉरिडोर का कार्य पूरा हो जाएगा।।





