विशेष संवाददाता





रांची। केतारी बागान,चुटिया स्थित सुरेश्वर महादेव मंदिर (सुरेश्वर धाम) में 18 फरवरी को महाशिवरात्रि का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा। विदित हो कि विगत वर्ष 8 मई को इस मंदिर में बाबा भोले नाथ के शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। यह पहला अवसर है कि मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि पर्व का आयोजन किया जाएगा। इसलिए मंदिर समिति के सभी सदस्य महाशिवरात्रि पर्व को भव्य और धूम धाम से मनाने में जुटे हुए हैं।





इस संबंध में बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सुरेश्वर धाम मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश साहू ने बताया कि 18 फरवरी को सुबह 4 बजे भगवान भोले नाथ का रुद्राभिषेक किया जायेगा, तत्पश्चात शिव के भक्तों के लिए द्वार खोल दिया जायेगा, ताकि शिव भक्त जलार्पण एवं पूजा पाठ कर सकें। भारी भीड़ की अंदेशा को देखते हुए बेरीकेटिंग कर महिला एवं पुरुषों के लाइन को अलग - अलग किया जाएगा, जिसमें किसी को पूजा अर्चना करने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि का मुख्य आर्कषण शिव बारात होगा, जो संध्या छह बजे मंदिर परिसर से निकलेगी और महादेव मंडा मैदान होते हुए ऐतिहासिक राम मंदिर जायेगी। वहीं, मंदिर में भगवान भोले नाथ एवं माँ पार्वती जी का विवाह संपन्न होगा। भव्य बारात में ढोल मांदर और तुरतुरी बजाते हुए घोड़ा नाच के साथ कानपुर और इंदौर से आये कलाकार भव्य झांकी पेश करेंगें। स्काई इंवेट के कलाकार भगवान भोले नाथ और माँ पार्वती का रूप धरे अपने सहयोगी कलाकारों के साथ सजे हुए ट्रेलर (वाहन) में एक से बढ़कर एक झांकी प्रस्तुत करेगें और दूसरे रथ रुपी ट्रेलर (वाहन) में प्रसिद्ध भजन गायकों की टोली अपनी कला का प्रदर्शन करेगें। घोड़े के रथ पर भगवान भोले नाथ का रुप लेकर बारात में शामिल होंगे। सभी कार्यक्रमों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की सम्भावना है। इसलिए प्रशासन से भी अनुरोध है कि महा शिव बारात को सुचारु रुप प्रदान करने में हमारा सहयोग दें।





इस पूरे कार्यक्रम भव्य बनाने में सुरेश्वर महादेव मंदिर के अध्यक्ष सुरेश साहू के नेतृत्व में पद्मश्री मुकुन्द नायक, महासचिव संतोष कुमार, संरक्षक आलोक कुमार, संजय कुमार, राजेश गुप्ता (छोटू) कृष्णा साहू, नंदू ठाकुर, विक्रम साहु, गोपाल प्रसाद, गौतम साहु, रितिक राज, प्रकाश कुमार, उमेश केसरी, मनपुरन नायक किशोर नायक, धंनजय सिंह, राम शरण तिर्की, राकेश कुमार, मन्नु भैया, अमित कुमार, कलेश्वर साहू, नरेन्द्र साहू एवं मंदिर के मुख्य पुजारी सच्चिदानंद बाबा, बबलु बाबा युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं।