हथियार तस्करी में बीएसएफ के आधा दर्जन जवान चिन्हित,करते है उग्रवादी संगठनों को सप्लाई
झारखंड: हथियार तस्करी में बीएसएफ के आधा दर्जन जवान चिह्नित,करते है उग्रवादी संगठनों को सप्लाई <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

रांची।भाकपा माओवादियों एवं उग्रवादी संगठनों को हथियार और कारतूस की सप्लाई करने वाले गिरोह की संलिप्तता को लेकर लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं।एटीएस ने इस मामले में पूर्व में भारतीय सीमा सुरक्षा बल के 116 बटालियन के फिरोजपुर कैंप के कोत प्रभारी कार्तिक बेहरा को गिरफ्तार किया था। कार्तिक ने पूछताछ में बीएसएफ के आधे दर्जन से अधिक कर्मियों के नाम बताए हैं, जो हथियार व कारतूसों की तस्करी में बीते करीब सात सालों से कार्तिक का साथ दे रहे हैं।
कार्तिक के बयान के बाद एटीएस ने संदिग्धों की सूची बीएसएफ को भी दी है। झारखंड राज्य पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार बीएसएफ के द्वारा इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। कार्तिक के पूर्व इस मामले में एटीएस ने बीएसएफ के पूर्व हवलदार अरुण कुमार सिंह और सीआरपीएफ के सिपाही अविनाश कुमार को गिरफ्तार किया था।झारखंड के एक करोड़ के माओवादी इनामी पतिराम मांझी, गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव, अमन साव को हथियार की सप्लाई करने के मामले में एटीएस ने पहले सीआरपीएफ जवान समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में मामले का तार बीएसएफ से भी जुड़ गया।
आपको बता दें कि झारखंड और बिहार में माओवादियों को हथियार तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़े दूसरे मामले में एनआईए जांच कर रही है। एनआईए ने इस मामले में जहानाबाद के परशुराम सिंहि, संजय सिंह, राकेश कुमार, गौतम कुमार, संजय सिंह और दानापुर के मो बदरुद्दीन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एनआईए ने पूर्व में सभी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद इन्हें 10 दिनों के रिमांड पर लिया गया है। एनआईए रांची के डीएसपी सुबोध शर्मा के द्वारा मामले की जांच की जा रही है। अभी तक की जांच में ये बात सामने आयी है कि मृत माओवादी अरविंद कुमार सिंह के नेटवर्क को परशुराम सिंह व उसके गिरोह के लोगों के द्वारा हथियार की सप्लाई की जाती थी। जांच में ये बात सामने आई है कि बंगाल के रास्ते झारखंड के माओवादियों तक परशुराम सिंह के द्वारा हथियार की सप्लाई की जाती थी।
एनआईए के द्वारा पूर्णिया के हथियार तस्करों का भी झारखंड कनेक्शन सामने आया है। एनआईए ने इस मामले में पूर्व में रांची के अरगोड़ा व लातेहार से हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया था। इस गिरोह के द्वारा पूर्वोत्तर के अलगाववादी संगठनों की मदद से हथियार की सप्लाई की जाती थी। वहीं पारा मिलिट्री के कारतूस की सप्लाई करने वाले गिरोह के तार बिहार, यूपी, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र के बड़े आपराधिक गिरोहों से जुड़े हैं। गिरोह के सदस्यों के बाहुबलियों से भी संपर्क की बात भी अबतक की जांच में सामने आयी है।
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