उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड और उसके माता-पिता को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के मामले पर सियासत गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि यह सरकार पीड़ितों की आवाज दबाने और सवाल पूछने वालों को रास्ते से हटाने का काम कर रही है।
क्या है पूरा घटनाक्रम और विरोध प्रदर्शन?
19 वर्षीय अंकिता भंडारी के माता-पिता ने गुरुवार को दिल्ली के इंडिया गेट के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। उनका विरोध दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने की नियुक्ति के खिलाफ था। परिवार का कहना है कि जब तक इस हत्याकांड और कथित 'वीआईपी एंगल' की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल के पद पर नियुक्त न किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान गुरुवार तड़के करीब 4 बजे पुलिस ने अंकिता के माता-पिता को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद सुबह लगभग 5 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया। इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस पार्टी और पीड़ित परिवार ने सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
राहुल गांधी का सरकार पर प्रहार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने लिखा:
"सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया। उनका गुनाह क्या था? वे इंडिया गेट पर शांति से बैठे थे... इस सरकार की यही पहचान है: पीड़ितों की आवाज दबा दो, और सवाल पूछने वालों को रास्ते से हटा दो।"
राहुल गांधी ने यह भी बताया कि कल ही उन्होंने और प्रियंका गांधी ने इन माता-पिता से मुलाकात की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्याय की यह लड़ाई न तो कभी दबेगी और न ही रुकेगी, और कांग्रेस अंकिता के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
किस-किस को लिया गया था हिरासत में?
माता-पिता के अलावा दिल्ली पुलिस ने कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं को भी हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। इनमें शामिल हैं:
- पवन खेड़ा (मीडिया और प्रचार विभाग प्रमुख)
- इमरान प्रतापगढ़ी (सांसद)
- सुप्रिया श्रीनेत (सोशल मीडिया विभाग प्रमुख)
- उदय भानु चिब (इंडियन यूथ कांग्रेस अध्यक्ष)
अंकिता के पिता ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
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अंकिता भंडारी हत्याकांड का बैकग्राउंड
- घटना: ऋषिकेश के 'वनंत्रा रिसॉर्ट' में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी और 22 सितंबर को उसका शव चिल्ला नहर से मिला था।
- सजा: मुख्य आरोपी और रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा) तथा उसके दो साथियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
- नया विवाद: परिवार और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस मामले में कोई 'वीआईपी' भी शामिल था, और इसी सिलसिले में दुष्यंत गौतम का नाम सामने आया है। हालांकि, गौतम ने इन सभी आरोपों से इनकार करते हुए मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि कांग्रेस का दावा है कि यह नियुक्ति उन्हें बचाने के लिए की जा रही है क्योंकि राज्यपाल पद पर रहते हुए आपराधिक कार्यवाही नहीं की जा सकती।
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