दिल्ली में चल रहे सियासी घमासान के बीच आज मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर के विरोध में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। जंतर-मंतर पर रोके जाने और हिरासत में लिए जाने के लगभग दो घंटे बाद रिहा होने के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य इंडी गठबंधन के नेता सीधे राजघाट पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन से रोकने का आरोप

राजघाट के लिए रवाना होने से पहले राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लगभग 300 सांसद शांतिपूर्ण धरना देना चाहते हैं, लेकिन सरकार उन्हें लगातार रोक रही है।

"सच्चाई यह है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी करके देश को हाईजैक किया है। संविधान को नष्ट किया और वोट चोरी की है।" — राहुल गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले दिन चुनाव आयोग के दफ्तर के पास और दूसरे दिन जंतर-मंतर पर उनके कार्यकर्ताओं व लोगों को मारा गया तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को छीना जा रहा है।

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'वोट देने का अधिकार छीन रही है भाजपा'

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल जैसे महान नेताओं ने देश को जो आजादी दिलाई थी, प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह उसे छीन रहे हैं।

खरगे ने कहा, "हम देश को यह बताना चाहते हैं कि भाजपा सरकार हमसे वोट देने का अधिकार छीन रही है। हम शांति से बैठकर धरना देंगे और यही प्रार्थना करेंगे कि सरकार को सद्बुद्धि मिले, क्योंकि उनका यह रवैया देश के हित में नहीं है।"

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