खार्टूम: सूडान में छिड़ा गृह युद्ध अब बेहद भयावह रूप ले चुका है। देश के दक्षिण दारफुर स्थित न्याला शहर के एक भीड़-भाड़ वाले बाजार पर हुए एक विनाशकारी ड्रोन हमले में 112 लोगों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले इस हमले ने एक बार फिर युद्ध की मानवीय विभीषिका को उजागर कर दिया है।
बाजार में खरीदारी कर रहे आम नागरिक बने निशाना
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी 'द एसोसिएटेड प्रेस' (AP) और 'रेडियो तमाजुज' की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह खौफनाक हमला सोमवार शाम दक्षिण दारफुर के न्याला शहर के डुमाया इलाके में स्थित 'तनकोंग बाजार' पर हुआ।
मानवाधिकार समूह 'इमरजेंसी लॉयर्स' द्वारा मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, जब यह हमला हुआ, तब बाजार में भारी भीड़ थी और आम नागरिक अपनी रोजमर्रा की खरीदारी करने के साथ-साथ नाश्ता कर रहे थे। 'दारफुर विक्टिम्स ऑर्गनाइजेशन' के कार्यकारी निदेशक एडम मूसा ओबामा ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि इस क्रूर हमले में जान गंवाने वालों और घायलों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
अस्पतालों में उमड़ी भीड़, घायलों का तांता
मानवीय सहायता संगठनों ने इस हमले के बाद भारी तबाही की पुष्टि की है:
- डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF): संगठन के न्याला स्थित अस्पताल में अकेले 36 शव लाए गए, जबकि आपातकालीन कक्ष (Emergency Room) में 150 से अधिक घायलों का इलाज किया गया।
- हताहतों के आंकड़े: 'इमरजेंसी लॉयर्स' के आंकड़ों के अनुसार, इस हमले में 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 113 लोग घायल हुए, जबकि कुछ स्थानीय चश्मदीदों का अनुमान है कि हताहतों की कुल संख्या 120 तक पहुंच सकती है।
आरएसएफ और सूडानी सेना आमने-सामने
वर्तमान में न्याला शहर पर अर्धसैनिक बल 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेज' (RSF) का नियंत्रण है। इस भीषण हमले के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
आरएसएफ ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) को जिम्मेदार ठहराया है और इस पूरे मामले की अंतरराष्ट्रीय व स्वतंत्र जांच की मांग की है। वहीं, चश्मदीदों का भी यह कहना है कि सेना से जुड़े ड्रोनों ने इस बाजार को निशाना बनाया था।
आम नागरिकों के लिए गंभीर होता खतरा
सूडान में सूडानी सेना और आरएसएफ के बीच जारी सत्ता संघर्ष में विस्फोटक से लैस ड्रोनों के अंधाधुंध इस्तेमाल ने आम नागरिकों की जिंदगियों को गंभीर खतरे में डाल दिया है। इससे पहले सूडानी सेना ने पिछले हफ्ते ही विवादित अब्येई क्षेत्र के एक अन्य बाजार पर ड्रोन हमला किया था, जिसमें 150 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे ऐसे हमलों से सूडान का मानवीय संकट और गहराता जा रहा है।
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