मुंबई:

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) द्वारा 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के दिए गए नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गए हैं। शनिवार को दायर अपनी याचिका में उन्होंने सरकारी आदेश को पूरी तरह से मनमाना, तर्कहीन और गैर-कानूनी करार देते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने (Stay) की मांग की है।

इमरान खान का कहना है कि जब वे महज 2 साल के बच्चे थे, तब से भारत में रह रहे हैं और उन्हें बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार को उनके वकील मामले को जल्द सुनवाई (Urgent Hearing) के लिए हाई कोर्ट के समक्ष रखेंगे।

बॉम्बे हाई कोर्ट में इमरान खान के 5 प्रमुख तर्क

कानूनी फर्म 'MZM Legal' के माध्यम से दायर याचिका में अभिनेता ने FRRO और इमिग्रेशन ब्यूरो की कार्रवाई पर कड़े सवाल खड़े किए हैं:

  1. 'बलि का बकरा बनाया गया': इमरान ने आरोप लगाया कि विरोध की जायज आवाज को दबाने के लिए उन्हें निशाना बनाते हुए बलि का बकरा (Scapegoat) बनाया जा रहा है।
  2. प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन: नोटिस जारी करने से पहले उनका पक्ष सुनने का कोई मौका नहीं दिया गया और न ही यह स्पष्ट किया गया कि उन्होंने किस विशिष्ट नियम का उल्लंघन किया है।
  3. संवैधानिक अधिकारों का हवाला: याचिका में जोर दिया गया कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) केवल भारतीय नागरिकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों और OCI कार्डधारकों पर भी समान रूप से लागू होते हैं।
  4. बेदाग रिकॉर्ड: अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उनका अब तक का रिकॉर्ड बिल्कुल साफ रहा है और उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
  5. आयोजकों से कोई संबंध नहीं: उन्होंने अदालत में साफ किया कि मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जिस संस्था या संगठन ने प्रदर्शन आयोजित किया था, उससे उनका कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

क्या है पूरा विवाद?

इस विवाद की शुरुआत 10 अक्टूबर को मुंबई में हुए एक विरोध-प्रदर्शन से हुई थी। वोटर लिस्ट के रिवीजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन में इमरान खान ने हिस्सा लिया था।

इसके चार दिन बाद, 14 अक्टूबर को FRRO (इमिग्रेशन ब्यूरो) ने नए 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025' के प्रावधानों का हवाला देते हुए उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का फरमान जारी कर दिया। चूंकि इमरान खान के पास अमेरिकी नागरिकता और OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड है, इसलिए उन पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया।

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याचिका दायर करते ही मिला एक और 'कारण बताओ' नोटिस

इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ शनिवार को तब आया जब इमरान खान द्वारा हाई कोर्ट में याचिका ई-फाइल (E-file) करते ही FRRO ने उन्हें एक नया 'कारण बताओ' नोटिस थमा दिया। इस नए नोटिस में उनसे पूछा गया है कि विदेशियों और OCI कार्डधारकों से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ और सख्त दंडात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

फिलहाल, इमरान खान ने देश छोड़ने के आदेश पर तत्काल अंतरिम रोक लगाने और इसे पूरी तरह से रद्द करने की गुहार लगाई है। अब सभी की निगाहें सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

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