झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए स्टेडियम में खेले जा रहे भारत और न्यूजीलैंड टी-20 मैच से पहले पत्ते से बनी टोपी खेल प्रेमियों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। दशम फॉल की रहने वाली आदिवासी युवती हेमा मुंडा ने पत्तों से बने टोपी को बनाकर स्टेडियम पहुंची। इस टोपी को जेएससीए उपाध्यक्ष अजयनाथ शाहदेव ने लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर को टोपी भेंट की।


हेमा मुंडा शुक्रवार को रांची के धुर्वा जेएससीए स्टेडियम पहुंची।उनके हाथ में पत्तों से बनी टोपी थी।इस टोपी को लेकर खेलप्रेमियों में भी काफी उत्साह देखा गया।इसी बीच भारत और न्यूजीलैंड टी-20 मैच के मद्देनजर जेएससीए के उपाध्यक्ष अजयनाथ शाहदेव ग्राउंड के बाहर व्यवस्था का जायजा ले रहे थे तो उनकी नजर पत्ते से बनी टोपियां बेचती एक युवती पर पड़ी।

शाहदेव ने युवती से बात किया तो उसने अपना नाम हेमा मुंडा बताया और अपने पिता और छोटे भाइयों के साथ टोपी बेचने आयी है। वह रांची के एक कॉलेज की छात्रा है।स्वरोजगार कर अपने तथा घर का खर्च पूरा करती है।

शाहदेव उसकी बातों से बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने इसकी सूचना जेएससीए के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी को दिया।चौधरी ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह स्थानीय कला और स्वावलंबी युवती को अंतरराष्ट्रीय मैच के समय सम्मान करने का बेहतर मौका है। उन्होंने अजयनाथ शाहदेव को हेमा मुंडा, उसके पिता और भाइयों को सम्मानपूर्वक मैच के टिकट देने का निर्देश दिया।

अजयनाथ शाहदेव ने जेएससीए पदाधिकारियों संग हेमा मुंडा को मैच का टिकट दिया और उसके बनाये हुए बेहद खूबसूरत टोपियां भी खरीदी।टोपियों की बिक्री और मैच का टिकट मिलने पर हेमा मुंडा काफी खुश हुई। बताया कि उसने मैच देखने का मौका मिलेगा यह कभी नहीं सोचा था।
हेमा मुंडा ने कहा कि अजय नाथ शाहदेव ने मेरी जैसी छोटे गांव की लड़की और मेरे परिवार को इतना सम्मान दिया यह कभी सोच भी नहीं सकती थी। पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैच देखने का मौका मिलना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।

जेएससीए उपाध्यक्ष शाहदेव ने कहा कि उन्हें आज पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैच के आयोजन पर पत्ते की टोपी बिकते देखा। स्थानीय कला और झारखंड की प्रतिभा को सम्मानित करने का ये बेहतर मौका था।खुशी की बात है कि हेमा मुंडा की टोपी को आज लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने भी सहर्ष स्वीकार किया।