लखनऊ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी।इस पर विपक्षी मोदी सरकार पर लगातार हमलावर हैं।इस मामले पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम मोदी को पत्र लिखा था। अब पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने भी पीएम मोदी को पत्र लिखा है।वरूण ने पत्र में अधिकतम समर्थन मूल्य को लेकर कानून बनाने की मांग की है।इसके अलावा किसानों की दूसरी मांगों पर तुरंत फैसले लेने की मांग भी पत्र में लिखी है।

भाजपा सांसद वरुण गांधी ने पत्र में लिखा है कि किसान आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसान भाई और बहन शहीद हो गए।उन्होंने कठिन परिस्थितियों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला पहले लिया गया होता तो कई मासूमों की जान बच जाती।किसानों के परिवारों के प्रति शोक संत्वना जारी करने के बाद हर शहीद किसान परिवार को एक करोड़ रुपए देने की घोषणा हो और इसके अलावा किसानों पर राजनीति से प्रेरित दर्ज सारे मामले को वापस लिए जाएं।

वरुण ने पत्र में आगे लिखा कि देश में 85 प्रतिशत छोटे और मध्यम किसान हैं।इन्हें सशक्त करने के लिए गारंटी के साथ एमएसपी दी जाए। यह आंदोलन किसानों की सारी मांगों के पूरा होने तक जारी रहेगा।किसानों को एमएसपी का भुगतान लागत के हिसाब से तय हो।किसानों और देश के हित को देखते हुए केंद्र सरकार तुरंत उनकी मांगों को स्वीकार करे।केंद्र सरकार का फैसला किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही उनकी हालत में सुधार के लिए अहम निर्णय साबित होगा।

वरुण ने अपने पत्र में लिखा है कि सीनियर पदों पर बैठे कई नेताओं ने किसानों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया है। इस वजह से किसानों के प्रति हिंसा का माहौल बना।यही कारण था कि लखीमपुर खीरी में पांच किसानों को गाड़ी से कुचल दिया गया।लखीमपुर घटना हमारे लोकतंत्र पर धब्बा है।वरुण ने लखीमपुर की घटना को लेकर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जिससे घटना की सही जांच हो सके और साथ ही किसानों की मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार करने को कहा है।ताकी देश के प्रजातांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को बचाया जा सके।