सीआरपीएफ DG की रिपोर्ट ने उड़ाई सुरक्षा एजेंसियों की नींद, मथुरा में धारा-144 लागू
सीआरपीएफ DG की रिपोर्ट ने उड़ाई सुरक्षा एजेंसियों की नींद,मथुरा में धारा-144 लागू <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 अन्य, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के मथुरा में तनाव को लेकर सीआरपीएफ डीजी की रिपोर्ट ने केद्रींय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा कर रख दी हैं।डीजी की रिपोर्ट को लेकर खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां लगातार मंथन कर रही हैैं।डीजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एक संप्रदाय विशेष की इबादतगाह मे संदिग्ध गतिविधियां शुरू हो गयी है, और संदिग्ध लोगों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा हैं और कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। पुलिस प्रशासन ने किसी भी तरह की घटना को रोकने के लिए कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी की है और विवाद वाले पूरे इलाके मे धारा 144 लगा दी है।
मिली जानकारी के अनुसार इस मामले मे एक संप्रदाय ने दूसरे संप्रदाय के इबादतगाह के खिलाफ कार सेवा किए जाने और 6 दिसंबर को उसे पवित्र किए जाने जैसे बयान दिया था।इस बयान की खबर प्रशासन को लगी तो प्रशासन से लेकर सूबे की सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई और प्रशासन ने अनेक कदम उठाए।
डीएम और एसएसपी ने साफ तौर पर कहा है कि ऐसी किसी भी घटना से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। डीएम और एसएसपी ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और चेतावनी भी दी कि अगर सोशल मीडिया आदि के जरिए किसी ने अफवाह फैलाने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
इस दौरान 24 नवबंर को सीआरपीएफ डीजी ने मथुरा को लेकर एक खास रिपोर्ट केंद्र को भेजी। इस रिपोर्ट में कहा गया हैं कि मथुरा के हालात ठीक नही हैं और कानून व्यवस्था बिगड़ने की भी आशंका है।डीजी की इस रिपोर्ट ने केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी हैं।सीआरपीएफ की उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था में सहयोग करने के लिए अनेक कंपनिया मौजूद हैं और उनके आकलन के आधार पर ही डीजी ने ये रिपोर्ट भेजी हैं।डीजी ने मथुरा के हालात को लेकर बेहद गंभीर आकलन किया हैं।
रिपोर्ट मे कहा गया है कि जब से ये तनाव शुरू हुआ है मथुरा के एक संप्रदाय विशेष की इबादतगाह में लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है।इनमें अनेक लोगों की गतिविधियां बेहद संदेहास्पद है।संभवतः इन लोगों द्वारा छिप-छिपकर इबादतगाह की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा हैं कि कितने-कितने जवान कहां तैनात हैं और पूरी सुरक्षा व्यवस्था क्या है।
आपको बता दें कि सीआरपीएफ डीजी के इस आकलन को लेकर केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की अनेक टीमों ने मथुरा और आसपास के इलाको में डेरा डाल दिया है और हर गतिविधियों पर खास नजर रख रही हैं। प्रशासन ने भी 6 दिसंबर को लेकर अपनी कमर कस ली है।
सूत्रों से खबर है कि आने वाले दिनों में मथुरा की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सकती है। पुलिस के अलावा केंद्रीय सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
संबंधित ख़बरें

झारखंड में 10 साल बाद J-TET 2026 की परीक्षा: सीएम हेमंत सोरेन की विशेष अपील

हिसार में रोडवेज कर्मचारियों का बड़ा चक्का जाम: बकाया भत्तों को लेकर 83 रूटों पर बस सेवा ठप

कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दो बालिग सहेलियों को साथ रहने की मिली अनुमति, कोलकाता के लिए रवाना
● ब्रेकिंग

