धनबाद।आईआईटी आईएसएम धनबाद के प्रोफेसर सिक्स जी वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम के लिए नोवेल सिग्नल प्रोसेसिंग एल्गोरिदम पर शोध कर रहे हैं। आईआईटी धनबाद के प्रो. हिमांशु भूषण मिश्रा व प्रो. सम्राट मुखोपाध्याय के प्रस्तावित ओटीएफएस प्रणाली की सराहना हो रही है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इस शोध को पूरा कर लिया जाएगा।

आपको बताते चलें कि आईआईटी आईएसएम धनबाद के प्रोफेसर, रिसर्च स्कॉलर व अन्य के स्तर से विभिन्न क्षेत्रों में शोध कार्य को किया जा रहा है। कई एजेंसी ने शोध कार्य के लिए फंड जारी किया है। वहीं दूसरी ओर संस्थान के प्रो. देवेन्द्र चाक सिलिकॉन फोटोनिक (एसआईपीएच) टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट के शोध कार्य में जुटे हुए हैं। प्रो. मुकुल कुमार दास मेटल ऑक्साइड पतली फिल्म आधारित लचीले इलेक्ट्रॉनिक और आप्टोइलेक्ट्रोनिक उपकरण के डिजाइन व डेवलपमेंट पर शोध कर रहे हैं। आईआईटी धनबाद प्रबंधन ने अपना सारा ध्यान शोध पर केंद्रित किया है। अभी संस्थान में दर्जनों शोध कार्य पर प्रोफेसर व अन्य विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। संतोष कुमार, प्रो. सुब्रत घोष के शोध को 13 अगस्त 2021, सैयद फैयजान अली व प्रो. निरूपमा मंडल के शोध को दो जुलाई को संबंधित पेटेंट प्रकाशित हो गया है। पेटेंट के लिए कई आवेदन फाइल किए गए हैं।

कई शोध पर हो रहा काम

प्रो. निरूपमा मंडल व उनकी रिसर्च टीम ऑनबोर्ड बैटरी लेस मेजरमेंट सिस्टम का उपयोग कर सरफेस एक्योस्टिक वेव सेंसर पर काम कर रही है। प्रस्तावित ट्रांसमिशन सिस्टम वायरलेस है और दूरस्थ स्थानों पर सूचना प्रसारित करने में सक्षम है। प्रो. मनोदीपन साहू नैनो-इंटरकनेक्ट और नैनोडेविसेस वीएलएसआई अप्लीकेशन पर शोध कर रहे हैं। प्रो. सुबिन्दु कुमार अस ग्रोन की वर्णक्रमीय प्रतिक्रिया पर डॉट आकार परिवर्तनशीलता के प्रभाव की जांच कर रहे हैं।

आईआईटी आईएसएम के प्रो. अमितेश कुमार ने एफबीजी आधारित श्वसन दर मापन प्रणाली (रेस्पिरेशन रेट मेजरमेंट सिस्टम) विकसित की है। रेस्पिरेशन रेट मेजरमेंट सिस्टम के लिए ऑक्सीजन मास्क के अंदर ऑप्टिकल सेंसर का उपयोग किया जा सकता है। यह रोगी के छींकने व खांसने की पहचान भी कर सकता है। यह अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ संभव नहीं है। वहीं दूसरी ओर आईआईटी धनबाद के प्रो. संजीव कुमार रघुवंशी ने फील्ड डिप्लॉयबल विकसित किया है।

टैक्समिन ने शिक्षकों के नौ आइडिया का चयन किया है। इसके लिए सीड मनी के रूप में 10 लाख रुपए स्वीकृत किया है। आइडिया में अंडरग्रांउड मेटल माइन्स में मोबाइल एसेट्स के लिए प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम का डिजाइन, भूमिगत खदानों में काम करनेवाले कर्मियों की सुरक्षा के लिए स्मार्ट पहनने योग्य उपकरण, खदानों में वायरलेस संचार, खान सुरक्षा के लिए मानवरहित वाहन समेत अन्य आइडिया शामिल है।