धनबाद के स्थानीय उद्योगों एवं कोयले का व्यावसाय करने वाले लोगों को ई-आक्शन के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा।पावर प्लांटों को अभी भी कोयला आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है।इस मामले पर बीसीसीएल के आधिकारिक सूत्र ने बताया कि फिलहाल कोयला मंत्रालय एवं कोल इंडिया से अभी तक कोई इशारा नहीं मिला है,जब तक हरी झंडी नहीं मिल जाती है तब तक कोयले का ई-आक्शन शायद शुरू नहीं हो।

बीसीसीएल में कोयला स्टाक की हालत भी ठीक नहीं है।हर रोज जो ऊत्पादन हो रहा है लगभग उसी के आसपास कोयले का डिस्पैच हो रहा है। पावर प्लांटों से अभी भी कोयले की मांग में कमी नहीं आई है।इसलिए कमजोर स्टाक के कारण भी ई-आक्शन में कोयला देना संभव नहीं है। हालत ये है कि स्टाक में दो लाख टन कोयले पर भी आफत है।

आपको बता दें कि पावर प्लांटों में अधिक कोयले की मांग की वजह से हालत सामान्य होने तक ई- आक्शन पर रोक है।
ई--आक्शन से ही नन पावर सेक्टर के उद्योग तथा कोयले का व्यापार करने वालों को कोयला मिलता है।बीसीसीएल प्रबंधन ने सभी एरिया जीएम को कोयला उत्पादन बढ़ाने की हिदायत दी है और जिन एरिया का प्रदर्शन खराब है उनको सख्त हिदायत दी गई है।राहत की बात ये है कि बीसीसीएल में पूर्व में हुए आक्शन का कोयला उठाव हो रहा है। कुछ कोलियरियों में जहां स्टाक नहीं है वहां परेशानी है। वैसे कंपनी प्रयास में है कि जो आक्शन हुआ है उन्हें कोयला मिल जाए।

कुछ समय से ही ऑप्शन पर रूप के कारण बीसीसीएल समेत अन्य कोयला कंपनियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। पावर प्लांटों को जिस दर से कोयले का भुगतान किया जाता है उससे कहीं ज्यादा ई ऑक्शन में कोयले की कीमत मिलती है। पिछले महीने कुछ ऑप्शन में कोयला कंपनियों को बहुत ही बेहतर रिस्पांस मिला था