रांची।झारखंड विधानसभा में पहली बार आयोजित छात्र संसद में राज्य की बेटियों ने फिर अपना परचम लहराया। इस छात्र संसद में अपनी उम्दा प्रस्तुति के लिए राज्य की बेटियों ने पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर अपना कब्जा जमाया। दो दिन तक चले इस आयोजन के अंतिम दिन रविवार को सदन की कार्यवाही संचालित की गई। किसी विधानसभा के तत्वावधान में पहली बार छात्र संसद का आयोजन किया गया। इस दौरान दस जजों के पैनल ने प्रथम तीन छात्रों का चयन किया।

छात्र संसद में मेधा के आधार पर जजों के पैनल ने अंतिम रूप से हर जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले 24 छात्र-छात्राओं का चयन किया था। छात्र संसद की एक बी यह रही कि इसमें 50 प्रतिशत छात्रायें थीं।

चयनित सदस्यों में से प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर शैडो स्पीकर की भूमिका में नजर आई लोहरदगा की डेजी लकड़ा रहीं। द्वितीय स्थान पर गिरिडीह की सभ्यता भूषण व तीसरे स्थान पर देवघर की श्वेता सिंह रहीं। जजों के पैनल में विधायक सीपी सिंह, सरयू राय, स्टीफन मरांडी, नवीन जयसवाल, दीपिका पांडेय सिंह, नलिन सोरेन, लंबोदर महतो आदि रहे। देखे

विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड छात्र संसद 2021 से राज्य के युवाओं को संसदीय प्रणाली का ज्ञान होगा। छात्र सदस्यों द्वारा सत्र में झारखंड वृक्ष संरक्षण विधेयक 2021 को पेश
किया गया। इसके मध्यम से छात्र झारखंड के जंगल, पहाड़, जमीन के संरक्षण एवं पर्यावरण अनुकूल संवर्धन में अपनी सहभागिता भी सुनिश्चित करेंगे।
हंगामे और तीखी नोकझोंक की वजह से सुर्खियों में रहने वाली झारखंड विधानसभा में रविवार को आयोजित प्रथम छात्र संसद के दौरान राज्य भर से चयनित 24 छात्र-छात्राओं ने सदन की कार्यवाही आदर्श रूप में पूरी करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया।पक्ष और विपक्ष ने राज्य के विकास के लिए सकारात्मक रूप से तार्किक बहस की और शांतिपूर्वक प्रश्नकाल, कार्य स्थगन की कार्यवाही संचालित की।

छात्र संसद में छात्रों ने झारखंड वृक्ष संरक्षण विधेयक 2021 को लंबी और सार्थक बहस के बाद पारित करके दिखाया गया। शैडो स्पीकर, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष सहित सभी सदस्यों ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई जिसकी अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो, मंत्री और वरिष्ठ विधायकों ने काफी प्रशंसा की। स्पीकर ने विधायकों के आग्रह पर प्रतिभागी छात्रों को उनकी इच्छानुसार शीतकालीन सत्र के दौरान विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में दर्शक दीर्घा में बुलाने पर सहमत जताई। छात्र संसद की कार्यवाही वास्तविक प्रक्रिया के तहत प्रारंभ करते हुए सबसे पहले प्रोटेम स्पीकर का चुनाव किया गया।

राज्य के हर जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे 24 छात्र प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र में शिक्षा,स्वास्थ, साइबर अपराध और पर्यावरण संबंधी सवालों को रखा और उस पर सरकार के जवाब पर असंतोष जाहिर करते हुए पूरक प्रश्न भी किये। मसलन पूर्वी सिंहभूम में बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी के 15000 लोगों के लिए शुद्ध पेयजल, धनबाद में ब्लड बैंक सहित राज्य के हर प्रखंड में इसकी आवश्यकता, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जमुआ, गिरिडीह में कार्यरत शिक्षिकाओं के लिए आवास निर्माण का मुद्दा, राज्य में परीक्षा के परिणाम में वर्षों की देरी के कारण छात्रों के भविष्य पर संकट, राजमहल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मॉडल डिग्री कॉलेज की जर्जर अवस्था जैसे सवाल रखे गए।

सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद सदन की कार्यवाही शुरू की गई। स्पीकर के बाद नेता सदन प्रीति कुमारी विश्वकर्मा और नेता प्रतिपक्ष नुपूर माला ने भाषण दिया। पहले सत्र में दो अल्प सूचित प्रश्न हुए। विपक्ष के सदस्य बमभोला उपाध्याय ने साइबर अपराध के लिए कठोर कानून और कौरवी पात्रा ने प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने को लेकर सरकार के उत्तर पर असहमति जताई और इन दोनों ही विषयों पर तार्किक बहस पूरी की गई। इसके बाद सात तारांकित प्रश्नों पर सत्ता पक्ष के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सकारात्मक रूप से अपने पूरक प्रश्न रखे।