रांची।सूबे में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी तेज हो गई है।गांव की सरकार चुनने के लिए गांव के लोग बेताब है। पंचायती राज विभाग ने पंचायत चुनाव से संबंधित प्रस्ताव को तैयार कर लिया है।



जानकारी के मुताबिक सूबे में पंचायत चुनाव चार से पांच चरणों में होंगे।पंचायत चुनाव 10 से 30 दिसंबर के बीच होंगे और जल्द ही इससे संबंधित प्रस्ताव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सहमति से कैबिनेट में स्वीकृति के लिए लाया जाएगा। संसदीय कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के अनुसार कैबिनेट की मुहर लगने के बाद पंचायत चुनाव का प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा जाएगा। राज्यपाल के अनुमोदन के बाद चुनाव होगा।



सूबे में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारी पूरी हो गयी हैं। जून में मतदाता सूची को अंतिम रूप भी दे दिया गया था और सीटों को आरक्षित करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।चुनाव चिह्न अधिसूचित हो चुका है।



राज्य निर्वाचन आयुक्त डीके तिवारी ने हर जिले में चुनाव से संबंधित वेबसाइट को शुरू करने का निर्देश दिए है। फोटोयुक्त मतदाता सूची का काम हो रहा है।शांतिपूर्ण पंचायत चुनाव कराने के लिए पुलिस अधीक्षक निर्देशानुसार सुरक्षा बल की तैनाती का खाका तैयार कर रहे हैं। चुनाव अधिकारियों एआरओ, आरओ की प्रतिनियुक्ति भी की जा रही है।



त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं का चुनाव 2015 में हुआ था। पांच वर्षों का कार्यकाल पूरा होने के बाद कोरोना संक्रमण के कारण दिसंबर 2020 में पंचायत चुनाव नहीं हो पाए और पंचायती संस्थायें विघटित हो गईं। दूसरी ओर सरकार ने सात जनवरी 2021 को अधिसूचना जारी कर छह माह तक के लिए कार्यकारी संस्थाओं का गठन किया। कोरोना संक्रमण के कारण पंचायत चुनाव इस दौरान भी नहीं हो पाए। ऐसी हालत में राज्य सरकार राज्यपाल की स्वीकृति से दोबारा इसका विस्तार किया गया।इसके तहत पंचायत चुनाव होने तक गांवों में विकास कार्यों को संचालित करते रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में दस अगस्त को कार्यकारी समितियों का गठन किया। इस बार अवधि विस्तार तब तक के लिए दिया गया है जब तक त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव संपन्न न हो जाए।



संसदीय कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के मुताबिक कोरोना के कारण तय समय में पंचायत चुनाव नहीं कराया जा सका। कार्यों को संचालित करने के लिए दो बार वैकल्पिक व्यवस्था कराई गई। इसके साथ ही लोगों को आश्वस्त किया गया था कि राज्य में 31 दिसंबर तक पंचायत चुनाव करा लिया जाएगा। इसी आधार पर प्रस्ताव बनाया गया है। मुख्यमंत्री से विमर्श के बाद पंचायत चुनाव का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। चार से पांच चरणों में पंचायत चुनाव कराने का प्रस्ताव है।