रांची।झारखंड में निर्बाध बिजली आपूर्ति में महंगी बिजली बाधक नहीं बनेगी। वित्त मंत्री डॉ़ रामेश्वर उरांव ने राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।वित्त मंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे राज्य में लोड शेडिंग की नौबत न आने दें चाहे इसके लिए चाहे जिस दर पर इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से बिजली खरीदनी पड़े खरीदें। त्योहार को ध्यान में रखते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति राज्य के हर क्षेत्र में सुनिश्चित की जाये।सरकार के लिये सप्लाई महत्वपूर्ण है प्राइस नहीं।
आपको बता दें कि देश में कोयले के कमी से बिजली का उत्पादन घटने के कारण झारखंड को बिजली कम मिल रही है।राज्य में सोमवार को बिजली की मांग 1700 मेगावाट पहुंची, जबकि आपूर्ति 1350 मेगावाट हो पाई। दोपहर दो से चार बजे के दौरान बिजली मांग के बराबर मिली, लेकिन इसके बाद मांग बढ़ने पर लोड शेडिंग की नौबत बन गई। स्थानीय कारणों से भी कोयले की ढुलाई प्रभावित हुई है और इस कारण झारखंड और आसपास के पावर प्लांट को कोयला कम मिल रहा है इससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।
झारखंड बिजली वितरण निगम के अधिकारियों के मुताबिक इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में देश के तमाम राज्यों की अतिरिक्त मांग 10 हजार मेगावाट पहुंच रही है जबकि उत्पादन कम होने के कारण डेढ़ से दो हजार मेगावाट एक्सचेंज में बिजली उपलब्ध हो पा रही है। इस कारण 20 रुपये प्रति यूनिट की दर से पहले 200 मेगावाट बिजली की मांग रखी, लेकिन शाम पांच से छह बजे के दौरान झारखंड को 50 मेगावाट ही बिजली मिल सकी। इसके बाद यह अंतर बढ़कर करीब 290 से 300 मेगावाट हो गया। जेबीवीएनएल ने 20 रुपये प्रति यूनिट की ही दर पर इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से दूसरी बार 320 मेगावाट बिजली की मांग की, लेकिन केवल 100 मेगावाट बिजली मिल सकी। इस कारण राज्य में मांग की तुलना में करीब 300 मेगावाट का अंतर बना रहा। इसके कारण राज्य में गांव से शहर तक कुल तीन से पांच घंटे तक कटौती करनी पड़ी।





