राजधानी में व्यवसायिक इमारतों के नहीं हैं नक्शे,725 इमारतों को जारी हो चुकी है नोटिस
राजधानी में व्यवसायिक इमारतों के नहीं हैं नक्शे़, 725 इमारतों को जारी हो चुकी है नोटिस <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

झारखंड की राजधानी रांची में कई व्यवसायिक इमारतों के भी नक्शे पास नहीं हुए हैं।रांची नगर निगम पहले से ही 725 व्यवसायिक इमारतों को नोटिस जारी कर चुका है।अवैध व्यवसायिक इमारतों की संख्या इससे भी कहीं ज्यादा है।
राजधानी के लोगों ने बिना पास नक्शे के ही व्यवसायिक इमारतों को बना लिया है। नियम के अनुसार इमारतों के बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग होनी चाहिए मगर बिल्डरों ने पार्किंग वाली जगह दुकानें बनवा दी हैं और पार्किंग की जगह का पर व्यवसायिक उपयोग हो रहा है।
रांची नगर निगम ने कई बार ऐसी इमारतों को नोटिस भेजा है,मगर अभी तक किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
रांची हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुरेश मुर्मू कहते है कि इतनी बड़ी संख्या में इमारतों पर एक साथ कार्रवाई होना असंभव है और इसी कारण अधिकारी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।नगर विकास विभाग को चाहिए कि इन व्यवसायिक इमारतों को भी नियमित कर दें।
राजधानी की अवैध व्यवसायिक इमारतों को नगर निगम हर साल नोटिस जारी करता है।लोगों का कहना है कि जब भी हाईकोर्ट में मामला उठता है तो नगर निगम नोटिस जारी कर देता है।ये हर साल होता है और जब मामला ठंडा हो जाता है तो लोग सब कुछ भूल जाते हैं।अधिवक्ता मो. शरीफ का कहना हैं कि इस तरह हर साल नोटिस भेज कर कार्रवाई की धमकी देने से तो अच्छा है कि इन्हें नियमित कर दिया जाए।
रेलवे के लैंड विभाग के रिटायर्ड अधिकारी इनायतुल्लाह कहते हैं कि जिन इमारतों को में पार्किंग नहीं है, उसमें बिल्डर से जुर्माना लेकर शहर में ही आसपास खाली जमीन पर पार्किंग भी बनवाई जा सकती है। पिछली बार जब राज्य सरकार ने इमारतों के नियमित करने की जो नियमावली बनाई थी, उसके तहत यह प्रावधान रखा गया था कि जिन व्यवसायिक इमारतों को नियमित किया जाएगा। उनके मालिकों से जुर्माना के साथ ही उतने ही क्षेत्रफल की पार्किंग बनवाई जाएगी। कितने क्षेत्रफल में उनकी इमारत है। वह कहीं भी जमीन खरीद कर वहां पार्किंग का निर्माण करेंगे। लेकिन योजना में सख्त नियम कानून होने की वजह से व्यवसायिक इमारतें नहीं हो सकी है। इस वजह से पार्किंग की समस्या भी हल नहीं हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर व्यवसायिक इमारतों को नियमित कर उनसे उनके खर्चे पर शहर में पार्किंग का निर्माण कराया जाए तो इससे शहर की यातायात व्यवस्था भी ठीक हो जाएगी और पार्किंग की समस्या भी हल हो जाएगी।
नगर विकास विभाग के सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता इरशाद अहमद कहते हैं कि अवैध इमारतों को नियमित करने का यह सही समय है। सरकार को चाहिए कि वो नियमावली बना कर बिना नक्शा के बनाई गई इमारतों को नियमित कर दे। अगर, इमारतें नियमित नहीं हुईं तो सरकार का सरदर्द बना रहेगा। व्यवसायिक इमारतों के नियमित होने से सरकार को राजस्व तो मिलेगा ही साथ ही पार्किंग की समस्या भी समाप्त होगी। इसलिए, सरकार व्यवसायिक इमारतों के नियमित होने की तरफ ध्यान दे।
संबंधित ख़बरें

मोहन सरकार का बड़ा तोहफा: 443 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला बोनस

झारखंड में 10 साल बाद J-TET 2026 की परीक्षा: सीएम हेमंत सोरेन की विशेष अपील

हिसार में रोडवेज कर्मचारियों का बड़ा चक्का जाम: बकाया भत्तों को लेकर 83 रूटों पर बस सेवा ठप

कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दो बालिग सहेलियों को साथ रहने की मिली अनुमति, कोलकाता के लिए रवाना
● ब्रेकिंग
