धनबाद।समय सभी जख्मो को भर देता है।अगर ऐसा न होता तो आज सिंह मैंशन के शशि सिंह और कभी कोयला किंग रहे सुरेश सिंह के बेटे रिश्तेदार न बनते।सुरेश सिंह की रिश्तेदारी में शशि सिंह के सगी बहन की शादी होने जा रही है।अब ऐसे में सुरेश सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी शशि सिंह भी सुरेश सिंह परिवार के रिश्तेदार बन जाएंगे।शशि सिंह की छोटी बहन की शादी धनसार के स्पंज आयरन व्यवसायी राममोहन सिंह के पोते और संजय सिंह के दूसरे बेटे कुणाल सिंह से होने जा रही है। कुणाल के बड़े भाई शैलेश सिंह और सुरेश सिंह के बड़े बेटे अजय सिंह दोनों सगे साढ़ू हैं।
बिहार के बड़हरा की पूर्व विधायक आशा देवी की एक बेटी की शादी दिवंगत सुरेश सिंह के परिवार में और दूसरी बेटी की शादी धनसार के व्यवसायी संजय सिंह के परिवार में हुई है। शैलेश की शादी दो वर्ष पहले ही हुई है। अब संजय सिंह के छोटे बेटे यानी कुणाल की शादी शशि सिंह की बहन से होने जा रही है।दो महीने पहले विनोद बिहारी चौक के रिजार्ट वेडिंग बेल्स में मंगनी भी हो चुकी है,सिर्फ शादी की तारीख निर्धारित होनी बाकी है।
सूत्रों के अनुसार शादी नवंबर या दिसंबर में हो सकती है। शादी को कराने में शशि सिंह के मौसा की अहम भूमिका रही है। अभिभावक के तौर पर मौसा ही पूरी व्यवस्था देख रहे हैं।
आइए जाने काैन हैं संजय सिंह
संजय सिंह व्यवसायी राम मोहन सिंह के बेटे हैं।ये परिवार व्यवसायी है। माफियागिरी से कोई मतलब नहीं है। राम मोहन सिंह धनबाद के सांसद पीएन सिंह के बहुत खास हैं।अब सिंह मेंशन से रिश्तेदारी हो रही है।
धनबाद में सिंह मेंशन को किसी परिचय की जरूरत नहीं है।इसका निर्माण झरिया के चर्चित विधायक रहे सूरजदेव सिंह ने किया था।इनके अनुज बच्चा सिंह, पत्नी कुंती सिंह और पुत्र संजीव सिंह बाद में क्रमशः झरिया के विधायक बने। शशि सिंह की मां इंदु देवी धनबाद की मेयर रह चुकी हैं। इनके पिता रामधीर सिंह यूपी के बलिया से जिला परिषद के चेयरमैन रह चुके हैं। फिलहाल रांची के होटवार जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
सात दिसंबर 2011 में कोयला व्यवसायी सुरेश सिंह की धनबाद क्लब में आयोजित एक वैवाहिक कार्यक्रम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।सुरेश के पिता तेजनारायण सिंह ने उस समय पुलिस को बयान दिया था कि शादी कार्यक्रम में मौजूद झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के चचेरे भाई शशि सिंह के साथ किसी बात को लेकर सुरेश सिंह के बीच तल्ख बहस हो गई। शशि ने कमर से पिस्टल निकालकर सुरेश सिंह के सीने में गोली उतार दी। इसके बाद सुरेश सिंह की माैत हो गई। घटना के दस वर्ष बाद भी धनबाद पुलिस शशि को नहीं पकड़ पाई है। फरारी के दौरान ही शशि सिंह की शादी भी हो गई और बच्चे भी हो गए।
कोयले के व्यवसाय में सुरेश सिंह की तूती बोलती थी।कोलकाता से लेकर वाराणसी की कोयला मंडियों में सुरेश का सिक्का चलता था और इसीलिए कोल किंग कहा जाता था।सुरेश पर धनबाद जिला कांग्रेस के कोषाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी थी। वर्ष 2005 और 2009 में झरिया विधानसभा क्षेत्र से सुरेश ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और करीब तीन हजार वोटों के अंतराल से चुनाव हार गए थे। सुरेश सिंह का परिवार घटना के बाद कोलकाता में बस गया। धैया के रामायण निवास में सुरेश सिंह के पिता तेजनारायण सिंह और बड़े पिता नरेश सिंह रहते हैं। सुरेश सिंह के दोनों बेटे अजय सिंह और संजय सिंह कोलकाता में रह रहे हैं।





