रांची।झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार गिराने का षणयंत्र रचने वाले तीन आरोपियों को शनिवार को रांची की एसीबी कोर्ट से जमानत मिल गई।एसीबी की ओर से तीन महिने में कोई साक्ष्य पेश नहीं किए जाने और आरोप पत्र दाखिल नहीं किए जाने के कारण अदालत ने अभिषेक कुमार दुबे,अमित सिंह और निवारण कुमार महतो को जमानत दे दी है।आरोपियों को सीआरपीसी की धारा-167 के तहत जमानत का लाभ मिला है। इस धारा के अनुसार जेल में बंद आरोपियों के खिलाफ 90 दिनों के अंदर यदि आरोपपत्र दाखिल नहीं किया जाता है तो अदालत उसे जमानत दे सकती है।
सरकार गिराने का षणयंत्र का आरोप लगाते हुए 22 जुलाई को बेरमो से कांग्रेस के विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने महाराष्ट्र और झारखंड के कुछ पावर ब्रोकर्स पर सरकार गिराने का षणयंत्र रचने और कुछ विधायकों को खरीदने की कोशिश का आरोप लगाते हुए रांची के कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज करायी थी। इसके बाद पुलिस ने रांची के एक होटल में छापेमारी कर 24 जुलाई को अभिषेक, अमित और निवारण महतो को गिरफ्तार किया था।
पुलिस गिरफ्तारी के वक्त तीनो आरोपियों के पास से दो लाख रुपये भी बरामद हुए थे। इस षणयंत्र के जांच के क्रम में पुलिस ने महाराष्ट्र भाजपा के दो विधायकों के नाम भी लिए थे। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार लोगों को जेल तो भेज दिया मगर तीन महिने बाद भी पुलिस की जांच का न तो कोई निष्कर्ष सामने आया और न ही चार्जशीट फाइल की गई। इसके बाद अदालत ने तीनों को जमानत दे दी।





