लखनऊ।उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी,समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत सभी दलों ने चुनावी बिसात बिछा कर चाल चलनी शुरू कर दी है।उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के सहयोग के लिए सत्यनारायण पटेल को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया है।कांग्रेस इससे पहले यूपी में आठ सचिव बना चुकी है।सत्यनारायण पटेल मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता माने जाते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार AICC ने अपने मध्य प्रदेश से आने वाले दिग्गज नेता सत्यनारायण पटेल को पार्टी का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया है, जो पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का उत्तर प्रदेश में सहयोग करेंगे।पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पटेल की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की है।
सत्यनारायण पटेल ने अपने राजनीति की शुरुआत सरपंच निर्वाचित होने के बाद शुरु किया था।इसके बाद सत्यनारायण पटेल जिला पंचायत के अध्यक्ष बने। 1998 में पटेल इंदौर नंबर 5 सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद 2008 के चुनाव में फिर से देपालपुर से विधानसभा पहुंचे।
सत्यनारायण पटेल के पिता रामेश्वर पटेल मध्य प्रदेश की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे और सहकारिता क्षेत्र के मजबूत नेता भी माने जाते रहे। खुद का हेलीकाप्टर रखने वाले सत्यनारायण पटेल पेशे से किसान होने के साथ लाइसेंसधारी पायलट भी हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में पटेल ने चुनावी घोषणा-पत्र में 75 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपित्त घोषित की थी। सत्यनारायण पटेल दिग्विजय सिंह के करीबियों में से हैं। 2009 और 2014 में कांग्रेस ने पटेल को इंदौर सीट से प्रत्याशी बनाया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके,लेकिन संगठन में काम करने का उनका खासा अनुभव है।
यूपी में पहले से राजेश तिवारी, तौकीर आलम, प्रदीप नरवाल, बाजीराव खाडे, धीरज गुर्जर, रोहित चौधरी, सचिन नायक और जुबैर खान पहले से ही उत्तर प्रदेश में बतौर सचिव अलग-अलग भूमिकाओं में प्रियंका गांधी के सहयोगी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बताया जा रहा है कि चुनाव से पहले सत्यनारायण पटेल को कांग्रेस ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।ऐसे पार्टी को कम समय में अधिक सफलता दिलाने की सबसे बड़ चुनौती उनके सामने है।





