रांची।झारखंड राज्य में कोरोना संक्रमण से जिन सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की मौत हो गई हुई है अब उनके आश्रितों को नौकरी मिलेगी।शिक्षकों के आश्रितों की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की जायेगी।इसके लिए स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने सभी जिलों से रिपोर्ट भी मांगी है।कोरोना काल में जिन शिक्षकों की मौत हुई है उनको सेवांत लाभ मिला है या नही और उनके आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी देने को कहा गया है।
झारखंड में मई 2021 तक कोरोना संक्रमण की वजह से 263 शिक्षकों ने अपनी जान गंवाई है।शिक्षक संघों का दावा है कि ये आंकड़ा अगले दो महीनों में और बढ़ा जिसमे तीन से अधिक शिक्षकों ने अपनी जान गंवाई है।स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की संयुक्त सचिव ने सभी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षकों से रिपोर्ट तलब की है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राइमरी से लेकर प्लस टू स्कूल के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों के कोरोना की वजह से निधन होने के बाद उनके आश्रितों और परिजनों को सेवांत लाभ का और अनुकंपा पर नौकरी मिल पाई है या नहीं। शिक्षा विभाग ने पूछा है कि कितनों को सेवांत लाभ दिया जा चुका है और कितनों की अनुकंपा के आधार पर बहाली कराई गई है। इसकी पूरी रिपोर्ट विभाग को अविलंब उपलब्ध करानी है। इसके आधार पर स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग आगे कार्रवाई करेगा। साथ ही जो मामला लंबित है, उसे भी अविलंब पूरा करने को कहा गया है।
अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि राज्य में कोरोना की वजह से जान गंवाने वाले सभी शिक्षकों के परिजनों को अब तक सेवांत लाभ नहीं मिल सका है और न ही उनको अनुकंपा के आधार पर नौकरी ही मिली है। कुछ जिलों में राशि देने की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन अभी भी यह पेंडिंग है। सरकार बाद में भी करोना या अन्य रूप से अपनी जान गंवाने वाले शिक्षकों के आश्रितों को भी जल्द से जल्द राशि का भुगतान करें और उन्हें अनुकंपा के आधार पर नौकरी उपलब्ध कराएं।





